हापुड़। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश (पाॅक्सो एक्ट) की अदालत ने एक आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष सश्रम कारावास और दस हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई है।
गांव निवासी व्यक्ति ने 28 मई 2023 को बाबूगढ़ थाने में तहरीर देते हुए बताया था कि मई 2023 की रात को करीब साढ़े नौ बजे उसकी 15 वर्षीय पुत्री अपने घर से पास में रहने वाली बुआ के घर जा रही थी। तभी रास्ते में गांव बछलौता निवासी प्रिंस ने पुत्री का मुंह भींच कर उसे घर में खींच लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। यह बात पीड़ित की बेटी ने उसे घर आकर बताई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। विवेचक ने आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
बुधवार को दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ज्ञानेंद्र सिंह यादव ने अभियुक्त प्रिंस को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 3/4 (2) के अन्तर्गत 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 10,000 के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने की दशा में दो माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भोगना होगा। पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के अनुसार पीड़िता को पुनर्वास के लिए एक लाख रुपये की प्रतिकर धनराशि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा देय होगी।