हापुड़। अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म करने के मामले में शनिवार को निर्णय सुनाया। जिसमें कोर्ट ने मामले के आरोपी को दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
थाना हाफिजपुर क्षेत्र के गांव निवासी व्यक्ति ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसमें कहा कि उसकी 13 वर्षीय नाबालिग पुत्री पंद्रह सितंबर 2020 को अपनी चचेरी बहन के साथ गायब हो गई। जानकारी करने पर पता चला कुछ समय पहले उसके बड़े भाई का साला सुमित निवासी लोनी घर पर रहने के लिए आया था। लेकिन जब उसका गलत चरित्र देखा तो उसको घर से भगा दिया। सुमित उसकी पुत्री को अपने दोस्त शेखर निवासी धर्मपुरा पंद्रह बिस्वा थाना हाफिजपुर के साथ मिलकर बहलाफुसला कर अपने साथ ले गया। काफी तलाश करने पर भी पुत्री नहीं मिली। पुलिस ने आरोपी सुमित के खिलाफ पॉक्सो, दुष्कर्म, अपहरण सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। साथ ही उसके दोस्त शेखर के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने मामले के आरोप पत्र न्यायालय में पेश किए।
न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद शनिवार को मामले में निर्णय सुनाया। जिसमें न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने आरोपी सुमित को दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। इसके अलावा न्यायालय ने मामले के अन्य आरोपी शेखर को दोषमुक्त करार दिया।