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छह महीने से बिना टिकट चल रहा कैली रेलवे हॉल्ट

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छह महीने से बिना टिकट चल रहा कैली रेलवे हॉल्ट
हापुड़। मेरठ-खुर्जा ट्रैक पर बना कैली रेलवे हॉल्ट बीते छह महीने से टिकट किल्लत का दंश झेल रहा है। मिनी हरिद्वार (गढ़मुक्तेश्वर) के टिकट तो चार वर्ष से खत्म चल रहे हैं। रोजाना दर्जनों गांवों के सैकड़ों यात्रियों को बिना टिकट के ही ट्रेन में सफर करने को मजबूर हैं। यह हाल तब है जब हॉल्ट के कांट्रेक्टर स्थानीय अफसरों से लेकर डीआरएम तक यह समस्या उठा चुके हैं।
गांव कैली में आजादी से पूर्व रेलवे स्टेशन का निर्माण हुआ था। स्टेशन की बिल्डिंग अभी भी आलीशान बनी हुई है। लेकिन अधिकारियों की अनदेखी ने इस स्टेशन को गर्त में धकेल दिया है। टिकट की बिक्री कम दिखा 1979 में इस स्टेशन को हॉल्ट की श्रेणी में शुमार कर दिया गया था। देशभर में जहां रेलवे स्टेशन और ट्रेनों को हाईटेक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं, कैली हॉल्ट पर अभी भी कंप्यूटराईज की जगह गत्ते के टिकट यात्रियों को मुहैया कराए जाते हैं। अफसरों की अनदेखी का आलम यह है कि बीते छह महीने से हॉल्ट पर हापुड़ का टिकट छोड़कर अन्य किसी स्टेशन का टिकट उपलब्ध नहीं है। रोजाना दर्जनों गांवों के लोग हॉल्ट पर पहुंचकर टिकट की मांग करते हैं, लेकिन स्टॉक खत्म होने के कारण उन्हें बिना टिकट की ट्रेन में सवार होना पड़ता है। इतना ही नहीं मिनी हरिद्वार (गढ़मुक्तेश्वर) के टिकट तो बीते चार साल से हॉल्ट पर उपलब्ध नहीं हो सके हैं, जबकि इस हॉल्ट से हजारों की संख्या में यात्री गढ़मुक्तेश्वर का सफर करते हैं।
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-इन स्टेशनों का नहीं है टिकट -
कैली हॉल्ट पर मेरठ, दौराला, मेरठ कैंट, नूरनगर और गढ़मुक्तेश्वर के टिकट उपलब्ध नहीं हैं। -इन गांवों के यात्री करते हैं सफर-
कैली रेलवे हॉल्ट से प्रतिदिन पांची, सरावा, सेतकुआ, कैली, दादरी, जोगीपुरा, कबट्टा, कूड़ी, नया गांव, धीरखेड़ा, उलधन, बवनपुरा, खासपुर, लालपुर के लोग सफर करते हैं।
-क्या कहते हैं कांट्रेक्टर-
कैली हॉल्ट के कांट्रेक्टर सत्यवीर त्यागी का कहना है कि हॉल्ट पर बीते छह महीने से टिकट नहीं हैं। रेलवे के अधिकारियों से कई बार टिकट की मांग की जा चुकी है, डीआरएम मुरादाबाद मंडल के संज्ञान में भी यह मामला डाला गया था, लेकिन अभी तक भी टिकट नहीं मिल सके हैं।
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-डीआरएम का कोट-
डीआरएम अजय कुमार सिंहल का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है। जल्द ही यात्रियों की समस्या का निस्तारण करा दिया जाएगा। भविष्य में उन्हें परेशानी नहीं होगी।
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