भगवंतपुर के जंगल में कुत्ते पर झपटा तेदुआ
भगवंतपुर के जंगल में सोमवार सुबह तेदुआ एक कुत्ते पर झपट पड़ा। लेकिन पास के खेत में धान की रोपाई कर रहे किसानों के शोर मचाने पर तेदुआ गन्ने की फसल में घुसकर लापता हो गया।
गढ़ क्षेत्र के गांव भगवंतपुर में सोमवार सुबह राजपाल, विरेंद्र, लक्ष्मण समेत कई किसान धान की रोपाई कर रहे थे, तो उन्हें कुत्ते के भौंकने की आवाज सुनाई दी।
इस पर किसानों ने देखा तो एक तेदुआ कुत्ते का पीछा कर रहा था। इसको देख किसानों ने शोर मचा दिया और लाठी-डंडे लेकर दौड़ पड़े।
इस पर तेदुए कुत्ते को दबोचने की बजाए वहां से भागकर पास में खड़ी गन्ने की फसल में छिप गया। किसानों ने फसल को घेर लिया और काफी देर तक खोजबीन की, लेकिन तेदुए का कोई सुराग नहीं लग पाया।
गांव हशूपुर के जंगल में तेंदुआ दिखाई देने से किसानों में फैली दहशत
गढ़ क्षेत्र के गांव हशूपुर का किसान ऐशवीर तोमर रविवार देर शाम को भैंसा बुग्गी से अपने खेतों से चारा लेकर घर को लौट रहा था, तभी चकरोड वाले रास्ते में उसे तेंदुआ खड़ा हुआ दिखाई दिया।
इस पर किसान ने शोर मचा दिया और भैंसा-बुग्गी की रफ्तार बढ़ाकर वहां से निकल आया। पता लगते ही दर्जनों ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर जंगल में पहुंच गए। वहां उन्होंने करीब एक घंटे तक गन्ने की फसल खंगालीं।
लेकिन तेंदुए का कोई भी पता नहीं लग पाया। इससे पहले भी जंगल में काम कर रहे सतेंद्र और उसके भाई भूपेंद्र पर 13 जुलाई की दोपहर को तेदुए ने हमला कर दिया था। इससे बचने के लिए उन्हें खेत में खड़े पेड़ पर चढ़ना पड़ा था।
रेंजर अरुण कुमार सिंह का कहना है कि हमलावर जंगली जानवर फिशिंग कैट प्रजाति से जुड़ा है। इसकी धरपकड़ के लिए तीन सप्ताह से गांव मुहम्मदपुर शाकरपुर के जंगल में पिंजरा लगाकर उसमें कुत्ता बंद किया हुआ है। रेंजर ने दावा किया कि हमालवर जंगली जानवर बहुत जल्द पिंजरे की गिरफ्त में फंस जाएगा।