गन्ने की सेहत का ख्याल रखेगा ट्राइकोड्रमा कार्ड
गन्ने की फसल में तबाही मचाने वाले शत्रु कीटों से निपटने के लिए मित्र कीटों को प्रोत्साहन देने वाली ट्राइकोड्रमा कार्ड योजना किसानों के लिए कारगर साबित होगी।
जिससे फसल का उत्पादन बढ़ेगा और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति प्रभावित नहीं होगी। कीटनाशक का प्रयोग कम होने से चीनी व गुड़ की गुणवत्ता में सुधार होगा।
गन्ने शत्रु कीटों से निपटने को ट्राइकोड्रमा कार्ड कारगर हथियार मानी जा रही है। इसके तहत गन्ने की फसल की पत्ती में कार्ड लगाए जाएंगे।
जिनसे निकलने वाले मित्र कीट हमला बोलकर शत्रु कीटों को खाकर उनका अस्तित्व समाप्त कर देंगे। इससे शत्रु कीटों से होने वाले नुकसान से गन्ने की फसल सुरक्षित बच सकेगी।
किसानों को उन्नत पैदावार मिलने के साथ ही कीटों से होने वाली बीमारी के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। सिंभावली गन्ना विकास समिति के सचिव राजीव सेठ का कहना है कि
ट्राइकोड्रमा कार्ड योजना से गन्ने की फसल में लगने वाली बीमारियों पर अंकुश लगेगा, वहीं गन्ने के साथ सह-फसली खेती करने वाले किसानों को कहीं अधिक मुनाफा मिलता है।
- यह है ट्राइकोड्रमा कार्ड विधि
1. कार्ड को गन्ने के पौधे की नीचे वाली पत्ती के निचले भाग में लगाया जाता है।
2. इस कार्ड को लगाने के बाद एक निश्चित तापमान मिलते ही उसमें से मित्र कीट बाहर आ जाते हैं। ये फसल में नुकसान करने वाले शत्रु कीटों को मारकर खा जाते हैं।
3. इस विधि के कारगर परिणाम सामने आने से किसानों की गाढ़ी कमाई का रुपया कीटनाशकों के छिड़काव पर खर्च नहीं होगा।
4. कीटनाशकों की तुलना में इस विधि का गन्ने की खेती पर कोई साइड इफेक्ट नहीं रहता है।
5. प्राकृतिक तौर पर खाद बनाने वाले सूक्ष्म जीवाणुओं के सुरक्षित रहने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बर्बाद नहीं होगी।
किसानों का है मानना
किसान शिवकुमार तोमर का कहना है कि ट्राइकोड्रमा कार्ड योजना किसानों के लिए अच्छी पहल है। अगर गन्ने की फसल में होने वाली बीमारियां रुकेंगी तो उत्पादन बढ़ेगा।
चुन्ने खां का कहना है कि कीटनाशक दवाओं के छिड़काव पर पानी की तरह पैसा बहाना पड़ता था, लेकिन फिर भी गन्ने की खेती कीटों से प्रभाव से मुक्त नहीं हो पाती थी। इसलिए ट्राइकोड्रमा अच्छी पहल है।