गढ़ में बन सकता है कृषि विज्ञान केंद्र
गढ़मुक्तेश्वर। किसानों को उन्नत खेती के गुर सिखाने व फसलों में लगने वाली बीमारियों की रोकथाम हेतु गढ़ क्षेत्र के उपेड़ा गांव में किसान विज्ञान केंद्र बनने जा रहा है। इसके लिए तीस एकड़ जमीन भी चिन्हित कर ली गई है। लगभग दो करोड़ की लागत से भवन तैयार होगा। अधिकारियों के अनुसार जल्द ही शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
भारत सरकार द्वारा संचालित इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च योजना के तहत प्रदेश के नवसृजित नवसृजित जनपद हापुड़, शामली, अमरोहा, संभल, श्रावस्ती, कासगंज, अमेठी, कानपुर देहात में कृषि विज्ञान केंद्रों की स्थापना कराई जानी है। जिसमें विभिन्न विभागों से संबंधित 6 वैज्ञानिकों समेत कुल 16 कर्मचारियों का स्टाफ तैनात रहेगा। मुरादनगर कृषि विज्ञान केंद्र के फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ.अरविंद कुमार यादव का कहना है कि गढ़ विधानसभा क्षेत्र से जुड़े गांव उपैड़ा के पास भूमि चिन्हित की गई है। कृषि विज्ञान केंद्र में खेतीबाड़ी, कृषि अभियंत्रण, पशु पालन, गृह विज्ञान, बागवानी समेत फसल सुरक्षा विभाग से जुड़े वैज्ञानिक तैनात होंगे। जिससे क्षेत्रीय किसानों को वैज्ञानिक विधि द्वारा उन्नत खेती एवं फसलों में लगने वाली बीमारियों पर तत्काल नियंत्रण स्थापित करना संभव हो जाएगा।
किसानों के रोजगार साधनों में होगा इजाफा
फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार यादव ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना होने से किसानों के रोजगार साधनों में भी इजाफा होगा। क्योंकि प्रशिक्षण हासिल करने के बाद उन्हें मधुमक्खी, मुर्गी और सुअर पालन से लेकर पशुओं की दूध देने की क्षमता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा नर्सरी प्रबंधन, फूल एवं मशरूम की खेती करना भी बेहद सहज हो जाएगा। किसानों को फलों का मुरब्बा एवं जैली बनाकर उसे बाजार में सप्लाई करने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे उनके रोजगार साधन बढ़ेंगे।