नशे में टल्ली स्कूल बस ड्राइवर ने
दांव पर लगाई 25 बच्चों की जिंदगी
हापुड़। नशे में धुत एक स्कूल बस के ड्राइवर ने बुधवार दोपहर करीब 25 बच्चों की जिंदगी दांव पर लगा दी। ड्राइवर ने बस को मेरठ रोड फ्लाई ओवर पर साइड की दीवारों से टकरा दिया। बच्चों की चीख पुकार सुनकर ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर स्कूल प्रबंधन को मामले की जानकारी दी और ड्राइवर को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने ड्राइवर को मेडिकल टेस्ट के लिए भेजा है।
नगर के एक स्कूल की छुट्टी के बाद एक बस का ड्राइवर बच्चों को लेकर हापुड़ छोड़ने आ रहा था। बस में करीब 25 बच्चे थे। मेरठ रोड फ्लाई ओवर पर चढ़ने के बाद बस साइडों की दीवारों में रगड़ गई। इससे बच्चे बुरी तरह सहम गए और रोने लगे। गनीमत रही कि बस अनियंत्रित नहीं हुई, अन्यथा बस फ्लाईओवर से नीचे भी गिर सकती थी। बच्चों की चीख सुनकर फ्लाई ओवर पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी संजीव पंवार मौके पर पहुंचा। बकौल संजीव ड्राइवर पूरी तरह से नशे में धुत था। वह ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। इसके बाद पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर ड्राइवर को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस की सूचना पर पहुंचे स्कूल के प्रिंसिपल ने ड्राइवर की सेवा समाप्त करने की बात कही। स्कूल में तैनात दूसरा ड्राइवर बस को लेकर बच्चों को छोड़ने गया। कोतवाली प्रभारी महावीर सिंह ने बताया कि ड्राइवर को मेडिकल टेस्ट के लिए भेजा गया है। हालांकि वह नशे में धुत था। जांच के बाद संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
बस में नहीं था हेल्पर
जिस बस में बच्चे सवार थे उसमें कोई सहायक नहीं था। बच्चों के मुताबिक ड्राइवर स्कूल से ही नशे में था। बस लेकर निकलने से पहले भी कहीं किसी ने कोई जांच नहीं की। फ्लाईओवर से पहले भी कई बार बस रास्ते में टकराने से बची। बस में कोई सहायक न होने के कारण बच्चे काफी सहमे हुए थे।
कोट
मामला बेहद गंभीर है। इस संबंध में स्कूल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। वहीं, स्कूल के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी। इसके अलावा ऐसी स्थिति से बचने के लिए दूसरे स्कूलों में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
- प्रणव झा, एआरटीओ
मामला मेरी जानकारी में नहीं है। मामले की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- देवेंद्र कुमार गुप्ता, बेसिक शिक्षा अधिकारी
ओवर स्पीड बस दौड़ाने पर तीन चालकों को चेतावनी
हापुड़। हाइवे पर 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से रोडवेज बस चलाने वाले चालकों के खिलाफ अब कार्रवाई शुरू हो गई है। बुधवार दोपहर एआरएम ने ऐसे ही तीन चालकों को फोन पर फटकार लगाई और भविष्य में आदेश का अनुपालन न करने पर कार्रवाई के आदेश दिए।
एआरएम एनपी सिंह ने बताया कि आरएम के सख्त निर्देश हैं कि 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बसों को तेज नहीं चलाया जाए। यदि कोई बस तेज चलाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि डिपो की सभी बसों में जीपीएस लगा है। इसलिए सड़कों पर दौड़ रही बसों की जानकारी कंप्यूटर पर देखकर ही पता चल जाती है कि बसें किस गति से दौड़ रही हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार दोपहर तीन चालक 75 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से सड़कों पर बसों को दौड़ा रहे थे। जिन्हें तुरंत फोन करके फटकार लगाई। लिस्ट में नाम भी नोट कर लिया गया है। अगर भविष्य में इन्होंने तेज गति से बसें दौड़ाई तो इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।