जिले में बिजली चोरी रोकने में निगम नाकाम
- शासन की टेढ़ी हुई निगाह तो कई पर गिर सकती है गाज
- बिजली निगम अफसरों ने फीडर वाइज शुरू की सघन चेकिंग
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। पावर कारपोरेशन के अधिकारी बिजली चोरी रोक पाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। जिले में बिजली चोरी करीब 30 फीसदी पार कर चुका है। जबकि शासन ने प्रत्येक जिले में बिजली चोरी 15 फीसदी तक लाने के लिए सौभाग्य जैसी योजना शुरू की है। ऐसे में शासन की टेढ़ी निगाह होते ही कई अफसरों पर गाज गिरना तय है। हालांकि निगम अफसरों ने जिले में फीडर वाइज सघन चेकिंग शुरू कर दी है।
प्रदेश सरकार ने बिजली निगम अफसरों को राजस्व वसूली के कड़े निर्देश जारी किए थे। राजस्व वसूली लक्ष्य में पिछड़ने के कारण गढ़मुक्तेश्वर के अधिशासी अभियंता पर गाज गिरी थी। तत्कालीन हापुड़ के अधिशासी अभियंता को भी राजस्व वसूली को लेकर कड़ी फटकार लगी थी। इस दौरान वसूली को लेकर अनेक गांवों की बिजली भी काट दी गई थी। इतना ही नहीं निशुल्क विद्युत कनेक्शन देने के लिए सौभाग्य योजना भी शुरू की गई। अब सरकार ने बिजली चोरी पर कड़ा रूख अपना लिया है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में बिजली चोरी 15 फीसदी तक लाने के निर्देश निगम अफसरों को मिले हैं। निगम सूत्रों की मानें तो जिले में इन दिनों बिजली चोरी 30 फीसदी पार कर चुका है जिसे कम कर पाना निगम अफसरों के लिए गले की फांस बन गया है।
पावर कारपोरेशन अफसरों ने बिजली चोरी पर काबू पाने के लिए फीडर वाइज सघन चेकिंग की योजना तैयार कर, अभियान शुरू कर दिया है। प्रथम चरण में पटना मुरादपुर के फीडर-4 व मोदीनगर रोड बिजली घर के मेरठ रोड फीडर पर सघन चेकिंग शुरू कर दी गई है।
अधीक्षण अभियंता बीएल मौर्य का कहना है कि बिजली चोरी 15 फीसदी तक लाने के लिए फीडर वाइज चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया है। सौभाग्य योजना के तहत विद्युत कनेक्शन भी दिए जा रहे हैं।