गाजियाबाद का इंजीनियर ब्रजघाट गंगा में डूबा
- परिजनों के साथ डुबकी लगाने गया था युवक
- पुलिस, मल्लाह और गोताखोर कर रहे तलाश
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। परिजनों के साथ सावन पूर्णिमा पर गंगा में डुबकी लगाने पहुंचा गाजियाबाद का इंजीनियर ब्रजघाट गंगा में तेज धारा की चपेट मे आने से बह गया। पुलिस मल्लाह और गोताखोरों की मदद से उसकी तलाश में जुटी है।
गाजियाबाद के प्रताप नगर इलाके का रहने वाला इंजीनियर पुलकित माहेश्वरी हरियाणा के गुरुग्राम की प्राइवेट फैक्ट्री में इंजीनियर था। सावन पूर्णिमा पर वह गंगा में डुबकी लगाने के लिए पिता राकेश, मां मधु, बहन चयनिका गुप्ता और भांजे गुणांक के साथ सोमवार तड़के में ब्रजघाट आया था। सुबह करीब 6 बजे लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस के पास इंजीनियर पुलकित और उनका भांजा गुणांक गंगा में डुबकी लगाने उतरे। तभी तेज बहाव की चपेट में आकर उफनती गंगा में डूबने लगे। लेकिन भाग्यवश पास में खड़ी नाव पर हाथ छूने से गुणांक बच गया। लेकिन मामा पुलकित (29) तेज बहाव में बह गए। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने खोजबीन कराई, लेकिन पुलकित का कोई पता नहीं चला। चौकी इंचार्ज नेपाल सिंह ने बताया कि गंगा में डूबे इंजीनियर की निजी गोताखोरों समेत मल्लाहों की मदद से तलाश कराई जा रही है।
रक्षा बंधन की तैयारी मातम में बदल गईं
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। इंजीनियर के गंगा में डूबने से रक्षा बंधन की तैयारी मातम में बदल गईं। रिश्तेदार भी त्योहार को छोड़ रोते बिलखते हुए ब्रजघाट में पहुंच गए, जबकि इकलौते भाई की कलाई पर हमेशा के लिए राखी बंधने से वंचित हुईं दोनों बहनों का रो रोकर बुरा हाल है।
ब्रजघाट गंगा में डूबा गाजियाबाद का इंजीनियर पुलकित माहेश्वरी उर्फ चिराग दो शादीशुदा बहनों चयनिका गुप्ता और विवेचना गुप्ता का इकलौता भाई था, जो हरियाणा के गुरुग्राम की फैक्ट्री में जॉब करता था। अपनी आंखों के सामने पुलकित को डूबता देख मां, बाप, बहन और भांजे के होश उड़ गए। इकलौते भाई की कलाई पर हमेशा के लिए राखी बंधने से वंचित हो गईं दोनों बहनों का बुरा हाल है।