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खादर के गांवों में हर तरफ दहशत

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गंगा खतरे के निशान के पार, मचा हड़कंप
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गढ़मुक्तेश्वर। पहाड़ों पर बारिश से गंगा मैदानी इलाकों में तबाही मचाने का बेताब है। सोमवार को गंगा का पानी खतरे के निशान को पार कर गया। इसके बाद भी जलस्तर के बढ़ने का सिलसिला थम नहीं रहा है। जिससे खादर क्षेत्र के डेढ़ दर्जन से भी अधिक गांवों में दहशत का माहौल बन गया है। आलम यह है कि पहले से ही खादर क्षेत्र में चारे की कमी से पशुओं का बुरा हाल है।
गढ़ खादर का इलाका बाढ़ की चपेट में आने से दहशत में है। हालांकि सोमवार को जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी के बाद गंगा का पानी खतरे के निशान को भी लांघ गया। गंगा के उफान से सभी नाले ओवर फ्लो होकर बह रहे हैं, जिनका पानी गंगा में जाने की बजाए लौटकर मंढैया किशन सिंह, लठीरा, कुदैनी मंढैया, नयाबांस, आरकपुर, बख्तावरपुर, काकाठेर मंढैया समेत करीब एक दर्जन गांवों की तरफ बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के कनिष्ठ अभियंता राहुल शर्मा का कहना है कि गंगा का जलस्तर 198.33 मीटर वाले चेतावनी के निशान को पार कर सोमवार सुबह को 198.73 मीटर वाले खतरे के निशान को भी लांघ गया है।
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तहसीलदार अजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि रविवार रात गंगा का जलस्तर बढ़कर समुद्रतल से 198.80 मीटर के निशान पर पहुंच गया था, लेकिन सोमवार सुबह जलस्तर में मामूली गिरावट होने से देर शाम को जलस्तर 198.76 मीटर के निशान पर था।
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एक लाख क्यूसेक और पानी छोड़ा
हरिद्वार और बिजनौर बैराज से एक लाख क्यूसिक पानी छोड़ा गया, जिसके आने से जलस्तर में और बढ़ोतरी होगी। बाढ़ नियंत्रण आयोग के सूत्रों ने बताया कि शनिवार और रविवार के बाद सोमवार की दोपहर को भी एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसके मंगलवार दोपहर तक आने से ब्रजघाट में पहुंचने की संभावना है। इसके चलते तहसील मुख्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित कर बाढ़ राहत चौकियों को सतर्क कर दिया गयार।
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