निकाय चुनाव विश्लेषण
चेयरमैन की हार जीत पर करोड़ों का सट्टा!
हापुड़। नगर पालिका परिषद हापुड़ के चेयरमैन पद की हार-जीत पर करोड़ों का सट्टा लगने की खबर है। सटोरियों ने हाथी से लेकर हाथ, फूल, साइकिल और सितारा के निशान पर चुनाव लड़े प्रत्याशी को भी दौड़ में शामिल कर रखा है।
हापुड़ में 52.52 प्रतिशत मतदान हुआ है। आश्चर्य की बात यह है कि तमाम वार्डों के मतदान का प्रतिशत देखने से यह बात सामने आई है कि इस बार दलित और मुस्लिम मतदाताओं का भी मतदान पिछले चुनावों के मुकाबले कम रहा है। हालांकि 2012 के नगर पालिका परिषद चुनाव के मुकाबले इस चुनाव में जिलेभर का मतदान प्रतिशत बढ़ा है।
लेकिन हापुड़ में मतदान कम होने के कारण सटोरिया भी असमंजस में फंस गए हैं। क्योंकि माना जा रहा है कि मतदान कम होने के कारण विभिन्न प्रत्याशियों पर दांव लगाने वालों ने अपने हाथ खींच लिए हैं।
हालांकि इसके बावजूद बसपा का हाथी, कांग्रेस का हाथ, भाजपा का फूल और सपा की साइकिल के साथ एक निर्दलीय का सितारा भी सट्टा बाजार में दौड़ रहा है। इसका एक प्रमुख कारण मुस्लिम मतों का विभाजन है।
सूत्रों की माने तो तमाम प्रत्याशियों ने चुनाव में खुलकर जितना पैसा खर्च किया था, उससे कहीं काफी अधिक पैसा सट्टा बाजार में प्रत्याशियों पर लग गया है। इसलिए बाजार में हार जीत को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।
उल्लेखनीय है कि हापुड़ शहर लंबे अरसे से सट्टे के मामले में दूर-दूर तक जाना जाता था। अब तो सट्टा क्रिकेट से लेकर चुनावों तक पर लगने लगा जबकि सैंकड़ों साल से अनाज के भाव का सट्टा भी हापुड़ से चलता था जो अब वायदा बाजार भाव के रूप में मुंबई तक जाता है। यहां सट्टे के चक्कर में पता नहीं कितने परिवार बर्बाद हो चुके हैं। फिर भी नए शौकीनों की कमी नहीं है।
अपर पुलिस अधीक्षक राम मोहन सिंह से वार्ता करने पर उन्होंने कहा कि पुलिस के पास इस बारे में कोई सूचना नहीं है। हां अगर कोई शिकायत मिलेगी तो तत्काल सख्त एक्शन होगा क्योंकि इस तरह के मामले कानून व्यवस्था से जुड़े रहते हैं।