चुनावी साल में भी सरकार अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं को भूले बैठी है। राज्य सरकार की समाजवादी पेंशन योजना के तहत जिले के करीब 17 हजार पेंशनरों की पेंशन पिछले चार माह से अटकी है। पात्र लगातार कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।
राज्य सरकार की समाजवादी पेंशन योजना प्रमुख और शुरूआती योजनाओं में से एक है। इस योजना के तहत पात्रों को पांच सौ रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती है। जिले में इस योजना के लिए कुल 16,769 लोगों को चयनित किया गया है।
योजना को हाल ही में ऑनलाइन किया गया है। इसके बाद पेंशन की धनराशि सीधे पात्र के खाते में आनी है। इस प्रक्रिया के चलते पिछले चार माह से किसी पात्र को पेंशन नहीं मिली है। चुनावी साल होने के बावजूद पात्र समाज कल्याण विभाग कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
जानकारी लेने कार्यालय पहुंचे चमरी निवासी रविंद्र कुमार ने बताया कि पेंशन के लिए वह दो बार संबंधित अधिकारी से मिल चुके हैं, लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला।
इस संबंध में जिला समाज कल्याण विभाग अधिकारी राजेश सक्सेना ने कहा कि मार्च में क्लोजिंग होती है। इसके बाद खातों का सत्यापन किया गया था। अब खातों में धनराशि डालने का कार्य शुरू कर दिया गया है।