पुलिस की सख्ती से गंगा में नहीं हुआ मूर्ति विसर्जन
- मूर्ति विसर्जन न होने पर श्रद्धालुओं ने किया हंगामा
- नहर, रजवाहे, पोखर और तालाबों में किया विसर्जन
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। ब्रजघाट गंगा में मूर्ति विसर्जन करने आए हजारों भक्तों को पुलिस की सख्ती के चलते बैरंग लौटना पड़ा। जिन्होंने बाद में नहर, रजवाहे, पोखर और तालाबों में मूर्ति विसर्जित की।
विजय दशमी के उपलक्ष्य में शुक्रवार को दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, मुरादाबाद समेत विभिन्न शहर-कस्बों के हजारों लोग ब्रजघाट गंगानगरी में पहुंचे। जिन्होंने धूमधाम से मां दुर्गा की मूर्तियों की शोभायात्रा निकाली। लेकिन जब मूर्तियों को गंगा में विसर्जित करने की बारी आई तो पुलिस की सख्ती देख मायूस हो गए। इस दौरान श्रद्धालुओं ने काफी हंगामा भी किया लेकिन एनजीटी की सख्ती का हवाला देकर स्थानीय पुलिस ने मूर्तियों को गंगा में विसर्जित नहीं होने दिया। जिसके कारण श्रद्धालुओं को पुराने श्मशान घाट के पास गंगा की जलधारा से जोड़े गए गड्ढे में मूर्तियों का विसर्जन करना पड़ा। वहीं हजारों भक्तों को मध्य गंग नहर, रजवाहे, पोखर और तालाबों में मूर्ति विसर्जन करना पड़ा।
एसडीएम ज्योति राय और डीएसपी पवन कुमार का कहना है कि हाईकोर्ट और एनजीटी ने गंगा में मूर्तियों के विसर्जन पर पूरी तरह रोक लगाई हुई है। जिसके कारण पुलिस को सख्ती का पालन करने के आदेश दिए थे।