कड़ी तपस्या के बाद खेलों में मिलती है सफलता - सुशील
- ओलंपिक पदक विजेता ने माना, वर्ष 2008 के बाद खेलों के प्रति बदला सरकारों का नजरिया
- अभिभावकों से बच्चों को खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की अपील
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। कुश्ती में ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार ने कहा कि कड़ी तपस्या के बाद ही खेलों में सफलता मिलती है। वर्ष 2008 के बाद से खेलों के प्रति सरकार का नजरिया बदला है। ओलंपिक खेलने वाले खिलाड़ियों को सरकार 6 करोड़ रुपये तक पुरस्कार राशि दे रही है। अब समय है अभिभावक अपने बच्चों को खेलों के प्रति आगे बढ़ाएं।
सुशील कुमार शुक्रवार को रेलवे रोड स्थित एक होटल में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को अच्छी सुविधाएं मिले तो देश को ओलंपिक, एशियन गेम्स में काफी पदक मिल सकते हैं। खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए वह मध्य प्रदेश सरकार से जुड़े हैं, वहां आदिवासियों को कुश्ती समेत अनेक खेल सीखने के टिप्स मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कुश्ती हमारे देश की मिट्टी से जुड़ा खेल है। आज देशभर के विभिन्न राज्यों से खिलाड़ी कुश्ती के टिप्स सीखने के लिए दिल्ली आ रहे हैं। अभिभावक भी काफी सजग दिख रहे हैं, यही कारण है कि मेरठ से कई अभिभावक रोजाना अपने बच्चों को दूध तक लेकर पहुंचते हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार अब खिलाड़ियों पर पूरा ध्यान दे रही है, तभी देश को अधिक पदक मिलने लगे हैं। वर्ष 2008 में भारतीय खिलाड़ियों द्वारा पदक जीतने के बाद से सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर रही है। इन दिनों ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकार 6 करोड़ रुपये तक पुरस्क ार राशि दे रही हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वह अपने बच्चों को खेलों के प्रति समर्पित करें। क्योंकि खिलाड़ी जब देश के लिए खेलता है तो वह पूरे देश का बच्चा हो जाता है, जिस पर प्रत्येक व्यक्ति नाज करता है। खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में उनके अभिभावकों की बड़ी भूमिका रहती है। जिले में स्टेडियम के अभाव की समस्या के सवाल पर उन्होंने बताया कि वह हापुड़ के युवाओं की समस्याओं को सरकार के समक्ष उठाएंगे। क्योंकि खिलाड़ियों को प्रतिभाशाली बनने के लिए स्टेडियम की आवश्यकता होती है। इस दौरान पूर्व राष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी व कुश्ती संघ उत्तर प्रदेश के सचिव रामकुमार त्यागी से फोन पर सुशील कुमार ने वार्ता कर कुश्ती के क्षेत्र में उनके प्रयासों की सराहना की। रामकुमार त्यागी व्यस्तता के चलते कार्यक्रम में भाग नहीं ले सके थे। इस अवसर पर समाज सेवी व दंगल कमेटी के उपाध्यक्ष/मीडिया प्रभारी प्रदीप त्यागी, समाज सेवी व निशांत वेलफेयर सोसायटी दिल्ली के अध्यक्ष आदेश त्यागी, भाजपा मानव अधिकार प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक सुधीर अग्रवाल, पूर्व प्राचार्य मेरठ कालेज मेरठ नरेंद्र पाल सिंह, डा. विपिन गुप्ता, गजेंद्र त्यागी, अंकित त्यागी, अमित त्यागी, रोहित त्यागी, अर्जुन त्यागी, संजय सहारनपुरिया आदि मौजूद रहे।
नोटबंदी 50 दिन भारत में पुस्तक का विमोचन किया
शिक्षाविद् डॉ. विपिन गुप्ता की नोटबंदी पचास दिन भारत में पुस्तक का सुशील कुमार ने विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि नकोटबंदी से लोगों को थोड़ी दिक्कत जरूर हुई थी, लेकिन कालेधन पर अंकुश लगाने के लिए सरकार का महत्वपूर्ण कदम था। उन्होंने डॉ. विपिन गुप्ता को उनकी पुस्तक के लिए बधाई दी। डॉ. विपिन गुप्ता ने बताया कि नोटबंदी के दौरान जो माहौल रहा, इस पुस्तक में एक-एक दिन का उल्लेख है।