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वार्ड परिसीमन के अनुसार अपडेट नहीं हुई मतदाता सूची

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47.48 फीसदी मतदाताओं ने नहीं किया मतदान
नितिन दीक्षित
हापुड़। चुनावी रण में वोटिंग से पहले जीत के दावे करने वाले दावेदारों की हवा बीएलओ ने निकाल दी है। वार्ड परिसीमन के अनुसार मतदाता सूची अपडेट नहीं होने या अन्य किन्हीं कारणों के चलते 47.48 प्रतिशत मतदाता मतदान नहीं कर सके। ऐसे में चुनावी पंडितों के सारे समीकरण फेल हो गए। कुल मिलाकर इस पूरे मामले में प्रशासन की बड़ी खामी सामने आई है।
बुधवार को नगर निकाय चुनाव के दौरान मतदान के समय वोट कटने की शिकायतें आम रही थी। बीएलओ की लापरवाही से काई बूथ ऐसा नहीं रहा जहां समस्याएं न रही हो। पूरे के पूरे परिवारों, गलियों तक की वोट खत्म हो गई या फिर इन वोटों को दूसरे वार्ड में डाल दिया गया। ऐसे में लोग दूर बूथ होने के कारण वोट डालने ही नहीं गए। वोटिंग कम होने का ये सबसे बड़ा कारण रहा।
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वोट प्रतिशत की बात करें तो कृषि नई मंडी स्थित बूथ संख्या 20 पर सबसे कम मात्र 16.93 प्रतिशत ही मतदान हुआ। जबकि इस मतदान केंद्र के बाकी बूथों पर मतदान प्रतिशत अच्छा खासा रहा। इसके अलावा आर्य कन्या डिग्री कालेज, गांधी सीनियर बेसिक स्कूल आदर्शनगर, टैगोर शिक्षा सदन आवास विकास, आर्य कन्या इंटर कालेज, एलएम इंटरनेशनल स्कूल रेलवे रोड, किदवई प्राथमिक पाठशाला देहली गेट, एसएसवी इंटर कालेज, शांति स्वरूप कृषि इंटर कालेज, अशोक पाठशाला गढ़ गेट में मतदान प्रतिशत 40 प्रतिशत से नीचे रहा। जबकि ताराचंद जनता डिग्री कालेज के बूथ नंबर 26 में मतदान प्रतिशत 74.80 सबसे अधिक रहा। अधिक प्रतिशतता वाले बूथों में जैन कन्या पाठशाला, धर्मशाला चंडी मंदिर, प्राथमिक पाठशाला शिवगढ़ी, भिवानिया इंस्टीट्यूट नवज्योति कालोनी, मुबारक पब्लिक स्कूल कानून गोयान, महावीर प्राथमिक पाठशाला टाउन हाल, नगर पालिका परिषद कार्यालय, चौधरी लाल सिंह प्राथमिक स्कूल मेरठ, एलएन पब्लिक स्कूल आदि रोड रहे।

दिल्ली से आया पर नहीं डाल पाया वोट
मोहल्ला सोटावाली निवासी मनीष दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता है। वोट डालने के लिए वह वहां से हापुड़ आया। लेकिन यहां आकर पता चला कि उसके पिता राधेश्याम, मां राजेश, पत्नी ज्योति की वोट कट गयी है। राधेश्याम ने बीएलओ की शिकायत डीएम से की है।

पता नहीं किस करवट बैठेगा ऊंट -
बड़ी संख्या में वोट कटने से चुनावी पंडितों का गणित गड़बड़ा गया है। वोट प्रतिशत कम रहने से शुरू में अंदाजा लगाया जा रहा था कि इससे भाजपा को नुकसान होगा। लेकिन अब सामने आ रही शिकायतों के आधार पर कहा जा सकता है कि वोट कटने के मामले में सभी वार्डों की स्थिति एक जैसी है।

लोगों में दिखी जागरूकता की कमी -
वोट कटने के मामले में लोगों में भी जागरूकता की कमी देखने को मिली। प्रशासन ने अंतरिम मतदान सूची को सार्वजनिक किया था। यह सूची बीएलओ के पास भी उपलब्ध थी। लेकिन अधिकतर लोगों ने इसमें अपने नाम नहीं देखे। जिसके कारण संशोधन नहीं हो सका।
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कोट
इस संबंध में एसडीएम डॉ. अजय कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि सूची में गड़बड़ी के मामलों की जांच कराई जाएगी। बीएलओ की लापरवाही पाई जाती है तो कार्रवाई होगी।
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