कल तक था मेला, आज पसरा सन्नाटा
गढ़मुक्तेश्वर। निकाय चुनाव के प्रचार के दौरान प्रत्याशियों के जिन चुनाव कार्यालयों पर हर समय कार्यकर्ताओं का जमघट और कारों का आना जाना लगा रहने से रौनक रहती थी, उनमें अधिकांश पर मतदान होते ही ताले लटक गए हैं। अब कार्यकर्ताओं की आवाजाही बंद होने से हर तरफ वीरानगी सी छा गई है।
गढ़ नगर पालिका चेयरमैन समेत सदस्य पद के लिए पहले चरण के तहत बुधवार की शाम को मतदान पूरा हुआ था, जिसके कुछ ही देर बाद पोलिंग एजेंट बूथों पर पड़े वोटों का आंकड़ा जुटाकर अपने प्रत्याशियों के चुनाव कार्यालयों पर पहुंच रहे थे। जहां देर रात तक जीत हार को लेकर आंकड़ेबाजी का खेल चलता रहा, लेकिन बृहस्पतिवार को दिन निकला तो कई चुनाव कार्यालयों की रंगत वीरानगी में बदली हुई दिखाई दी। जिससे वहां पिछले 15 दिनों से चल रही रौनक गायब थी। चुनाव कार्यालयों में ताले लटकने से अब कार्यकर्ताओं की बजाए वहां चाय और पानी के खाली गिलासों के सिवा कुछ भी नहीं है। हालांकि प्रचार का शोर थमने से अब आसपास में रहने वाले परिवारों को राहत मिल गई है। हालात पर नजर डालें तो गढ़ में बृहस्पतिवार को बसपा का चुनाव का कार्यालय खुला हुआ दिखाई दिया, जहां देर शाम तक कार्यकर्ता आपस में जीत-हार को लेकर आंकड़े लगाने में जुटे थे। वहीं गली मोहल्लों में पालिका सदस्यों के प्रत्याशियों के कार्यालय भी पूरी तरह बंद मिले।
प्रत्याशियों ने परिवार को दिया समय
पिलखुवा। निकाय चुनाव का मतदान होने के बाद बृहस्पतिवार को दिनभर प्रत्याशियों के चुनाव कार्यालयों पर वीरानी छाई रही। प्रत्याशियों ने भी अपने परिवार को पूरा वक्त दिया और फोन पर समर्थकों से बातचीत कर प्रत्येक मोहल्ले की स्थिति का जायजा लिया। चुनाव के दिनों में जहां चुनावी कार्यालयों पर 24 घंटे रौनक रहती थी। वहीं बृहस्पतिवार को वीरानी छाई रही।