एनजीटी का आदेश न लगा दे विकास पर ब्रेक
एनजीटी का ताजा फरमान कहीं ब्रजघाट और पौराणिक खादर मेला स्थल पर गंगा किनारे से जुड़ी विकास की योजनाओं पर ब्रेक न लगा दे। इस सवाल को लेकर क्षेत्रीय लोगों में उहापोह की स्थिति है।
हालांकि हर कोई गंगा की सफाई को विकास से ज्यादा जरूरी मान रहा है। आरती का जिम्मा संभाल रही गंगा सभा के अध्यक्ष अशोक नागर कहते हैं कि सीएम योगी के दौरे से ब्रजघाट समेत पौराणिक खादर मेला स्थल पर विकास की जो आस बंधी थी, उसे फिलहाल एनजीटी के आदेश से झटका लग सकता है, लेकिन गंगा को प्रदूषण मुक्त करने का सपना विकास से भी ज्यादा जरूरी है।
श्री गंगा सेवा समिति अध्यक्ष विनय मिश्रा का कहना है कि एनजीटी का ताजा आदेश स्वागत योग्य है, क्योंकि गंगा को प्रदूषण से मुक्त किए बिना विकास में चार चांद लगाना संभव नहीं होगा। साथ ही इसके बिना दुर्लभ जलीय जीवों का संरक्षण मुमकिन नहीं है।
तीर्थ पुरोहित संघ उपाध्यक्ष पंडित लालू गुरु का कहना है कि इस 21 वीं सदी में हर तरफ तरक्की की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है, इससे ब्रजघाट और खादर मेला स्थल समेत हर जगह गंगा किनारे विकास होना तय है।
इसलिए सबसे पहले गंगा में गिर रहे गंदे नालों की रोकथाम और किनारे को निर्माण से मुक्त किया जाना जरूरी है। व्यापारी संजय रंगोली का कहना है कि लाख दावे और केंद्र सहित प्रदेश स्तर से कई योजना चलने के बाद भी गंगा में गिर रहे दूषित पानी पर रोक नहीं लग पा रही है, लेकिन अब एनजीटी के ताजा फरमान से गंगा में गिर रहे प्रदूषण की रोकथाम होनी पूरी तरह तय है।