सीवर लाइन के निर्माण में मिली अनियमितताएं
हापुड़। शहर में करोड़ों की लागत से अमृत योजना के तहत डाली जा रही सीवर लाइन के निर्माण में अनियमितताएं मिली हैं। डीएम के आदेश पर बृहस्पतिवार को एसडीएम व उप्र जलनिगम निर्माण खंड बुलंदशहर की टीम द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में खामियां मिली। जिस पर एसडीएम ने कमियों को जल्द से जल्द दुरुस्त करने के आदेश दिए।
शहर में सीवर लाइन डालने के लिए अमृत योजना के तहत कार्य किया जा रहा है। पहले चरण में यह कार्य शिवगढ़ी एक व्यक्ति ने इस संबंध में शिकायत की थी कि सीवर लाइन डालने के बाद भराव का कार्य अच्छी तरह से नहीं किया जा रहा है। जिससे उसके द्वारा घर के बाहर लगायी गई टाइल्स बैठ गयी हैं। शिकायत के बाद डीएम ने जांच के आदेश दिए। बृहस्पतिवार को डिप्टी कलेक्टर विजय वर्धन तोमर ने शिवगढ़ी में सीवर लाइन बिछाने के कार्य की जांच की। जांच में पाया गया कि पाइपलाइन डालने के बाद टूटी हुई सड़क पर मिट्टी भराव अच्छी तरह नहीं किया जा रहा था। इस वजह से बनाई जाने वाली सड़क के धसने की संभावना है।
इसके अलावा निर्माण एजेंसी द्वारा जो मैन हॉल बनाए जा रहे हैं, उसमें पूरी तरह प्लास्टर नहीं किया जा रहा था। निर्माण एजेंसी को निर्देशित किया गया कि मैनहॉल बनाते ही अंदर प्लास्टर का कार्य साथ-साथ किया जाए। यह भी निर्देश दिए गए की जिन स्थानों पर उनके द्वारा बड़े गड्ढे खोदकर सीवर लाइन डालने का कार्य किया जा रहा है, वहां पर सुरक्षा का पर्याप्त ध्यान रखा जाए। जिससे कि आने जाने वाले व्यक्तियों के साथ कोई दुर्घटना न हो सके। निर्माण एजेंसी के अधीक्षण अभियंता द्वारा अवगत कराया गया कि सीवर लाइन डालने के बाद गुणवत्ता के साथ सड़क बनवाई जाएगी और संबंधित ठेकेदार के साथ डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड के तहत दो वर्ष का अनुबंध है। निर्माण के दो वर्ष के भीतर कोई भी त्रुटि रह जाती है तो उसको ठेकेदार द्वारा ही ठीक कराया जाएगा।
जांच के दौरान लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता वीके सिंह व ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता बीएस सैनी भी मौजूद रहे।