गंगा को मैला कर रहा लाखों लीटर गंदा पानी
गढ़मुक्तेश्वर। गढ़ ब्रजघाट गंगा की जलधारा को लाखों लीटर गंदा पानी मैला कर रहा है। एसटीपी योजना चालू होने के बाद भी अधिकांश घरों के कनेक्शन सीवर लाइन से नहीं जुड़ पाने से यह समस्या बढ़ रही है। वहीं सीवेज लाइन का काम पूरा न होने से सड़कों की हालत भी बदतर है। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है।
केंद्र की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार गंगा की जलधारा को फिर से अविरल और निर्मल बनाने वाली अपने ड्रीम प्रोजैक्ट पर आए साल हजारों करोड़ की रकम खर्च कर रही हैं, लेकिन इसके बाद भी गढ़ ब्रजघाट गंगा की जलधारा प्रदूषण के मकड़जाल से मुक्त नहीं हो पा रही है। सन 2011 में चालू हुई साढ़े 46 करोड़ की लागत वाली एसटीपी योजना को आधी अधूरी व्यवस्थाओं के बीच कार्तिक पूर्णिमा मेले के दौरान पिछले साल नवंबर में चालू कर दिया गया था। कई माह बीतने के बाद भी गढ़ और ब्रजघाट में अधिकांश घरों के कनेक्शन सीवर लाइन से नहीं जुड़ पाए हैं, जिससे आबादी का लाखों लीटर दूषित पानी गिरने से गंगा आज भी मैली की मैली है। जिला पंचायत सदस्य कृष्णकांत हूण की याचिका पर सुनवाई के दौरान पांच साल पहले केंद्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल ने गंगा में गिर रहे प्रदूषित पानी को बेहद गंभीर मुद्दा मानकर सिंभावली डिस्टलरी के संचालन पर रोक लगा दी थी, लेकिन कुछ दिन बाद ही हरी झंडी मिलने पर फैक्ट्री से फिर से चालू हो गई थी।
भूजल भी तेजी से हो रहा है दूषित
- पर्यावरणविद् प्रो.अब्बास अली का कहना है स्याना, सिंभावली, गजरौला की फैक्ट्री, बहादुरगढ़ क्षेत्र में संचालित हो रहे कई दूध प्लांट और गढ़ ब्रजघाट की आबादी समेत किनारे के आसपास वाले दर्जनों गांवों का लाखों लीटर दूषित पानी प्रतिदिन धड़ल्ले से गंगा की जलधारा में गिर रहा है, जिसके दुष्प्रभाव से उन कई गांवों का भूजल भी तेजी से दूषित होता जा रहा है। जिनकी सीमा से होकर निकल रहे गंदे नाले गंगा में गिर रहे हैं।
एक साल बाद भी पूरा नहीं हुआ सीवर लाइन जोड़ने का काम
- घरेलू कनेक्शनों को सीवर लाइन से जोडने का काम करीब एक साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है, जिससे गांव नयाबांस और ब्रजघाट में करोड़ों की लागत से बने सीवर ट्रीटमेंट चालू होने के बाद भी लाखों लीटर दूषित पानी धड़ल्ले से गंगा में गिर रहा है। वहीं घरेलू कनेक्शन जोड़ने के दौरान मैन होल बनाए जाने के दौरान तोड़ी जा रहीं सड़कों की मरम्मत न होने से हर किसी को आवागमन में दिक्कत झेलनी पड़ रही हैं।
क्षेत्रीय भाजपा विधायक कमल सिंह मलिकण का कहना है कि गंगा में गिर रहे प्रदूषण पर सख्ती से रोक लगाना सरकार की पहली प्राथमिकता है, इसलिए जल निगम से घरेलू कनेक्शनों को सीवर लाइन से जुड़वाने का काम तेज कराया जाएगा।
कोट
एसडीएम राममूर्ति त्रिपाठी का कहना है कि गंगा एक्शन प्लान के तहत साढ़े 46 करोड़ की लागत वाली सीवर योजना के तहत घरेलू कनेक्शन जोड़ने का काम चल रहा है, जिसके पूरा होते ही गढ़ ब्रजघाट की आबादी का सौ फीसदी गंदा पानी ट्रीटमेंट प्लांटों में पूरी तरह साफ सुथरा होने के बाद ही गंगा में गिर पाएगा। वहीं फैक्ट्रियों से होकर गंगा में गिर रहे दूषित पानी पर सख्ती से रोक लगाने के मकसद से दूषित नालों को चिन्हित कराया जाएगा।
कोट
जल निगम एई आशुतोष यादव का कहना है कि घरेलू कनेक्शनों को सीवर लाइन से जोड़ने का काम चल रहा है, जो बहुत जल्द पूरा हो जाएगा।