निर्जला एकादशी पर एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
गढ़मुक्तेश्वर। ज्येष्ठ मास की एकादशी(निर्जला एकादशी) पर बृहस्पतिवार को ब्रजघाट गंगा समेत गढ़ के गांव लठीरा के कच्चे घाट पर एक लाख से अधिक भक्तों ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई।
दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान समेत पश्चिमी यूपी के जनपदों से आए महिला-बच्चों समेत भक्तों ने मोक्ष दायिनी में वैदिक रीति रिवाज के बीच डुबकी लगाने के बाद विभिन्न अनुष्ठान संपन्न किए। डुबकी लगाने वाले अधिकांश भक्तों ने किनारे पर बैठे पंडितों से भगवान सत्यनारायण समेत भगवान शिव की जटाओं से धरती पर अवतरित हुई गंगा मैया के आगमन की कथा सुन उन्हें दक्षिणा दी। पंडित उमेश सेनरा ने बताया कि हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत बहुत महत्वपूर्ण है। साल में 24 एकादशी होती हैं। लेकिन ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन निर्जला रहकर व्रत रखने से सभी 23 एकादशियों के व्रत का पुण्य भी मिलता है।
प्याऊ लगाकर शर्बत पिलाया
निर्जला एकादशी पर व्यापार मंडल अध्यक्ष मूलचंद सिंघल के नेतृत्व में पुरानी दिल्ली रोड, संजय चावला, ब्रह्मानंद गौतम ने मेरठ रोड छबील लगाकर लोगों को शर्बत पिलाया। इसके अलावा सिंभावली क्षेत्र समेत हाईवे पर विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने प्याऊ लगाई।