जिले के 10 गांवों में हरी खाद से सुधरेगा मृदा का स्वास्थ्य
हापुड़। हरी खाद से जिले की बंजर होती मृदा का स्वास्थ्य फिर से पोषक तत्वों से लबालब होगा। शासन के निर्देश पर जिले से भेजे गए कलस्टर को हरी झंडी मिल गई है। चारों ब्लॉकों के 10 गांवों में ढैंचा की बुवाई करायी जाएगी, कृषि विभाग को 40 क्विंटल बीज का स्टॉक मिला है। इस बीज से 100 किसानों के यहां खेती करायी जाएगी।
जिले की मृदा का स्वास्थ्य तेजी से गिरता जा रहा है। प्रयोगशाला की जांच में यहां की मिट्टी में पोषक तत्वों की भारी कमी पायी गई है। मृदा विश्लेषकों की मानें तो पोषक तत्वों में इस तरह की कमी से कुछ ही सालों में भूमि बंजर हो जाएगी। यह रिपोर्ट शासन को भी भेजी गई थी। शासन स्तर से स्थानीय अधिकारियों को मृदा का स्वास्थ्य कैसे सुधरे, इस संबंध में आख्या मांगी गई थी। विभागीय अफसरों ने धान की बुवाई से पहले हरी खाद की बुवाई कराने और प्रचुर मात्रा में ढैंचा का बीज उपलब्ध कराने की डिमांड को लेकर प्रस्ताव भेजा था।
इसी क्रम में जिले के 10 गांवों का कलस्टर बनाकर रिपोर्ट प्रेषित की गई थी। इसे शासन से हरी झंडी मिल गई है। आनन फानन में कृषि विभाग को 40 क्विंटल ढैंचा का बीज उपलब्ध कराया गया है। यह बीज चयनित होने वाले 10 गांवों के 100 किसानों को मिलेगा। इन किसानों से कृषि अधिकारी ढैंचा की बुवाई कराएंगे, पौधे बड़े होने पर इन्हें खेत में ही जुतवा दिया जाएगा। जिसके बाद मृदा का पुन परीक्षण कर, रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
-इन ब्लॉकों को किया चयनित-
ब्लॉक गांवों की संख्या
हापुड़ तीन
धौलाना तीन
गढ़मुक्तेश्वर तीन
सिंभावली एक
जिला कृषि अधिकारी शिवकुमार सिंह का कहना है कि हरी खाद से ही मिट्टी का स्वास्थ्य सुधरेगा। प्रथम चरण में 10 गांवों का कलस्टर तैयार किया गया है। चयन के बाद इन गांवों में हरी खाद बुवाई जाएगी। इसके बाद अन्य किसानों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।