दरोगा निलंबित, दस यातायात कर्मी लाइन हाजिर
- लगातार मिल रही उगाही और लापरवाही की शिकायतों के बाद एसपी ने दिखाई सख्ती
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। जिले में उगाही और लापरवाही के कारण ध्वस्त हो चुकी यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए एसपी ने सख्त रुख इख्तियार कर लिया है। एसपी हेमंत कुटियाल ने दोयमी चौकी प्रभारी को निलंबित करते हुए सात एचसीपी और चार कांस्टेबल को लाइन हाजिर कर दिया।
पिछले कुछ दिनों से लोगों द्वारा ट्रैफिक पुलिसकर्मियों द्वारा जांच करने के नाम पर अवैध उगाही करने की शिकायत मिल रही थी। अमर उजाला ने बृहस्पतिवार के अंक में थ्री व्हीलर चालक का ट्रैफिक पुलिस पर उगाही का आरोप, हंगामा शीर्षक से समाचार भी प्रकाशित किया गया था। इसके अलावा 26 दिसंबर के अंक में दोयमी चौकी प्रभारी का समाचार दरोगा का चला डंडा, भड़के व्यापारी हंगामा शीषर्क से फोटो सहित प्रकाशित किया गया था।
जिसका संज्ञान लेते हुए एसपी ने जांच करायी थी। जांच के बाद बृहस्पतिवार देर रात एसपी ने यातायात पुलिस के एचसीपी नरेंद्र कुमार, राकेश शर्मा, सुकरमपाल, महीपाल, धर्मेंद्र सिंह, दलवीर सिंह, मुकेश कुमार और कांस्टेबल जगतपाल, संजीव कुमार, राहुल मलिक और मनोज को लाइन हाजिर कर दिया गया। इसके अलावा देहात थाना क्षेत्र की दोयमी चौकी प्रभारी प्रकाश चंद्रा को भी कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। बुधवार को भी एसपी ने चेकिंग में लापरवाही बरतने पर एक दरोगा और दो सिपाही को लाइन हाजिर किया था। एसपी ने कहा कि अवैध उगाही और कार्य में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त की जाएगी।
विभाग में मचा हड़कंप
बृहस्पतिवार को एसपी हेमंत कुटियाल ने पूरे जिले में शाम छह से रात नौ बजे तक चेकिंग के आदेश दिए थे। आदेश के दिन ही उन्होंने औचक निरीक्षण कर डाला। जिसमें जीप में आराम फरमा रहे एक दरोगा और दो सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया। इसके बाद अगले ही दिन एक और बड़ी कार्रवाई ने यह दर्शा दिया है कि जिले के कप्तान अब ढिलाई के मूढ़ में नहीं है। जाते हुए साल में उनकी इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप की स्थिति है।