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महिलाएं करेंगी गांवों के विकास की निगरानी

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अब आधी आबादी लगाएंगी विकास कार्यों को पंख
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महिलाएं करेंगी गांवों के विकास की निगरानी

- पांच सदस्यीय कमेटी करेगी निगरानी, कमेटी में तीन महिलाएं भी होंगी सदस्य
- गांवों में विकास कार्यों की निगरानी से लेकर, शिक्षा, जल संरक्षण व अन्य सामाजिक मुद्दों पर ग्रामीणों को कमेटी करेगी जागरूक

नितिन दीक्षित
हापुड़। ग्रामीण क्षेत्रों की दशा-दिशा बदलने के लिए अब आधी आबादी भी पुरुषों से कदमताल करेंगी। गांव के विकास के लिए प्रधान व अन्य अधिकारियाें के साथ महिलाओं को भी जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। इसके लिए हर पंचायत में ग्राम विकास समिति का गठन किया जाएगा। इस काम पंचायती राज विभाग करेगा।
शासन गांवों में विकास को रफ्तार देने के लिए प्रदेश सरकार ने प्लान प्लस के रूप में पहल की है। इसके जरिए गांवों के विकास का हर काम अब गांव की साइट पर दर्ज होगा। इसके अलावा गांव के विकास के लिए योजना बनाने की जिम्मेदारी भी महिलाओं के हाथ में होगी। पंचायती राज विभाग की ओर से बनाए गए नियमों के अनुसार हर ग्राम पंचायत में ग्राम विकास समिति का गठन होगा। इसमें दो पुरुष के अलावा तीन महिलाएं सदस्य होंगी। समिति का मुख्य काम योजनाएं तैयार कर गांव के विकास में सहयोग करना होगा। समिति के सदस्य गांव के मूलभूत विकास के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, पेयजल आदि की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कदमताल करेंगी। इसके लिए ग्रामीणों का सहयोग भी सलाह के रूप में लिया जाएगा। ग्राम विकास निधि के बजट खर्च पर समिति अपनी नजर रखेगी।
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समिति को मिलेगा प्रशिक्षण--
गांवों के विकास के लिए गठित होने वाली समिति को जिला स्तर पर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। साथ ही विकास योजना तैयार करने और लागू कराने की प्रक्रिया भी समझाई जाएगी। इसके लिए जिला पंचायती राज विभाग अपने स्तर से व्यवस्था करेगा।
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डीपीआरओ रेनू श्रीवास्तव ने बताया कि समिति का मुख्य कार्य गांवों के विकास के लिए योजना तैयार करना है। जिले में कई ग्राम पंचायतों की कमान महिलाओं के हाथों में है। जो पुरुषों से बेहतर काम कर रही हैं। ऐसे में कमेठी में महिलाओं के गठन से विकास को पंख लगेंगे।
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