नहीं थम रही चोटी कटने की वारदात, छह और महिलाएं बनी शिकार
- मायके में आई युवती की रात में चोटी तो दोपहर कटे बाल
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अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। गढ़, बहादुरगढ़ और सिंभावली क्षेत्र के गांवों में पांच और महिलाओं की चोटी कट गईं, जिनमें मायके में आई युवती की रात में चोटी और दोपहर में बाल कटने से दहशत का माहौल है। उधर, पिलखुवा में के गांव मुकीमपुर में शनिवार सुबह दिन निकलते ही महिला की चोटी कटने से हड़कंप मच गया।
शहर में चोटी कटने की घटनाएं पुलिस-प्रशासन के लिए पहेली बना हुआ है। बहादुरगढ़ के नंगलाबड़ निवासी हरपाल की बेटी सरिता अपनी ससुराल उपैड़ा से इन दिनों मायके में आई हुई है। शुक्रवार की रात में करीब दस बजे उसकी चोटी कट गई, जिसे वह बेहोश हो गई। उसे परिजन निजी अस्पताल में ले आए थे, जहां इलाज के बाद उसे रात को ही घर भेज दिया गया था। शनिवार दोपहर को सरिता चारपाई पर लेटी हुई थी। इसी दौरान करीब सवा दो बजे उसे एक काले रंग जैसा साया दिखाई दिया और फिर उसके बाल कट गए। उसे बेहोशी की हालत में फिर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सिंभावली की सैफी कालोनी में महमूद की पत्नी जरीना, गांव मुक्तेश्वरा में मनोज शर्मा की पत्नी मंजू और जमालपुर में निजाम की बेटी सहाना की शुक्रवार रात चोटी कट गईं, जिसका पता लगते ही पीड़ित युवती समेत सभी महिलाएं बेहोश हो गईं, जिनका निजी अस्पतालों में इलाज हो रहा है। वहीं, पिलखुवा में शनिवार सुबह साढ़े छह बजे मुकीमपुर में उर्मिला (45) पत्नी ओमवीर सिंह सैनी घर पर बर्तन साफ कर रही थी। तभी अचानक महिला को चक्कर आ गए। जिससे वह बेहोश हो गई। जब थोड़ी देर बाद महिला को होश आया तो महिला की चोटी कटी मिली।
घटना से फैल रही दहशत
चोटी कटने की घटनाओं से फैल रही दहशत के मद्देनजर पुलिस सतर्क हो गई है। असामाजिक तत्व अफवाह उड़ाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश में लगे हैं। बहादुरगढ़ एसओ रवि रतन का कहना है कि चोटी कटने की घटनाओं की जमीनी हकीकत अंधविश्वास पर टिकी हुई है। संदिग्ध हालात में बाल कटने की घटना को अफवाह उड़ाने वाले शरारती तत्व चोटी कटने समेत पीड़ित महिलाओं के बेहोश होने के रूप में प्रचारित कर समाज में दहशत फैलाने का काम कर रहे हैं।