बढ़ेंगे सर्किल रेट और महंगा होगा आशियाना बनाना
अब अपना आशियाना बनाना और महंगा हो जाएगा। रेता, बजरी व अन्य निर्माण सामग्री के दाम पहले ही दोगुने दाम तक पहुंच चुके हैं। रही सही कसर सर्किल रेटों के बढने से पूरी हो जाएगी। जिला प्रशासन 5 से 15 प्रतिशत तक सर्किल रेटों में बढ़ोत्तरी करने की योजना बना रहा है।
सर्किल रेटों के बढने से जमीन खरीदना महंगा हो जाएगा। हालांकि सर्किल रेट शहरी क्षेत्रों में बढ़ाए जाने के अनुमान है। जमीनों के सर्किल रेट हर वर्ष रिवाइज होते हैं, हर वर्ष 5 से 10 फीसदी तक सर्किल रेटों में बढोत्तरी होती रहती है, लेकिन नोटबंदी व कालेधन पर अंकुश लगाने के बाद एकाएक रजिस्ट्री विभाग में राजस्व का अकाल पड़ गया।
हालांकि जिला प्रशासन ने इस बार ग्रामीण क्षेत्र को छोड़कर शहरी क्षेत्र में सर्किल रेट बढाने का फैसला लिया है। एक अगस्त से नए सर्किल रेट लागू हो जाएंगे। इसको लेकर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रजनीश राय ने सभी सब रजिस्ट्रार से सर्वे कर 15 जुलाई तक रिपोर्ट मांगी है।
सर्वे का काम काफ तेजी से चल रहा है। 18 जुलाई को सर्किल रेट की लिस्ट जारी कर दी जायेगी। इसके एक सप्ताह बाद आपत्तियों व सुझाव मांगे जायेंगे। जिनका निस्तारण कर एक अगस्त से नए सर्किल रेट लागू करने की कोशिश होगी।
उन्होंने बताया कि शहरों में कुछ ही स्थानों पर 5 से 15 प्रतिशत सर्किल रेट की बढोत्तरी की जायेगी। जमीन दस्तावेज लेखक अमित शर्मा सर्किल रेट बढने से रजिस्ट्री की संख्या गिरने की बात कह रहे हैं।
उनका कहना है, बार बार सर्किल रेट बढ़ने से काम काफी कम हो गया है। उधर, पिछले कुछ साल में जमीन का कारोबार भी ठंडा पड़ गया है। इससे जमीन के दामों में बढ़ोत्तरी के बजाय कमी आने लगी है। सर्किल रेट बढने से प्रभाव पड़ना तय है।