कृषि विभाग का ऑनलाइन सिस्टम जिले के 1500 किसानों को परेशान कर रहा है। किसानों ने राजकीय बीज भंडारों से गेहूं का बीच तो खरीदा, लेकिन डेढ़ माह बाद भी सब्सिडी उनके खातों में नहीं पहुंची है।
अब वे कृषि अफसरों के दफ्तरों का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। शासन ने सभी पात्र किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से कृषि यंत्र, बीजों पर आरटीजीएस लागू किया था।
इसके लिए कृषि विभाग को पूर्णत: ऑनलाइन किया गया। सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किसानों का रजिस्ट्रेशन आवश्यक कर दिया गया था।
अनुदान का पैसा ऑनलाइन खाते में आने की राहत के चलते किसानों ने विभाग में बैंक की पास बुक, जमीन की फर्द लगाकर रजिस्ट्रेशन करा लिया।
तब कृषि अफसरों ने अनुदान का पैसा दो सप्ताह में उनके खाते में पहुंच जाने की बात कही थी। जिले के तीन हजार किसानों ने राजकीय बीज गोदामों से गेहूं का बीज खरीद लिया, लेकिन डेढ़ माह बाद भी 1500 किसानों के खाते में अनुदान का पैसा नहीं पहुंचा है।
कुछ किसानों ने अपने बैंक खाते का नंबर गलत दे दिया था। इसके चलते पैसा पहुंच पाना मुश्किल हो रहा है। जल्द किसानों को अनुदान की राशि दिलाई जाएगी। - धीरज सिंह, जिला कृषि अधिकारी