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Hapur News: जिले में 148 बच्चे गंभीर कुपोषित, तीन माह बाद भी नहीं हुआ सुधार

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हापुड़। महिला, बाल विकास व पुष्टाहार विभाग के आईसीडीएस पोषण अभियान को जिले में पलीता लग रहा है। सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग में भी योजना के खराब प्रदर्शन पर चिंता जताई गई है। तीन माह पूर्व जिले में सैम (कुपोषण की गंभीर चिकित्सीय अवस्था) की श्रेणी में चिह्नित हुए 148 बच्चों में से अप्रैल तक मात्र 14 बच्चे ही मैम (कुपोषण की चिकित्सीय अवस्था) की श्रेणी में आ सके हैं।
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सीएम डैशबोर्ड की अप्रैल माह की रैंकिंग जारी हुई है। योजना के तहत जिले में शून्य से छह वर्ष के पंजीकृत एक्टिव बच्चों की संख्या 58960 है, इसमें माप लिए गए बच्चों की संख्या 58589 है। इन बच्चों को उनकी लंबाई और वजन के अनुसार सैम व मैम दो श्रेणियों में बांटा जाता है।
विभाग ने तीन माह पहले जिले में बच्चों का वजन और लंबाई आदि की जांच कराई थी। इस दौरान 148 बच्चे गंभीर कुपोषित श्रेणी में मिले थे। योजना के अनुसार, विभाग का कार्य है कि वह सैम श्रेणी में मिले बच्चों को बेहतर खानपान व उपचार उपलब्ध कराकर पहले मैम श्रेणी में पहुंचाए। इसके बाद उन्हें स्वस्थ श्रेणी में लाना होता है, लेकिन इस कार्य में विभाग बेहतर प्रदर्शन नहीं कर रहा है। इस कारण इन बच्चों के माता-पिता की चिंता भी बढ़ रही है।
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कोट
संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बच्चों को सैम से मैम व सामान्य श्रेणी में लाने के लिए बेहतर तरीके से कदम उठाएं। इसके लिए विभिन्न जगहों पर बच्चों की जांच कराकर उन्हें बेहतर खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराएं। - श्रुति शर्मा, सीडीओ
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