पुलिस लाइन के लिए जमीन के प्रस्ताव
की जांच में ढील पर डीएम की फटकार
हापुड़। पुलिस लाइन के लिए जमीन खरीदने के प्रस्ताव में करीब 75 करोड़ के घपले की आशंका को लेकर चल रही जांच में लापरवाही बरतने पर बृहस्पतिवार को डीएम ने एसडीएम को फटकार लगा दी। उन्हें तुरंत मौके पर जाकर रिपोर्ट तैयार कर सौंपने के निर्देश दिए। उक्त रिपोर्ट शासन को भेजी जानी है। इस मामले में आला अफसरों के हाथ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी लग चुके हैं। इससे कई अफसरों पर गाज गिरने की संभावना है।
हापुड़ जिला बनने के बाद से पुलिस लाईन के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। अब तक तीन- चार स्थानों पर जमीन देखी जा चुकी है, लेकिन किसी न किसी कारण से जमीन का प्रस्ताव रद्द हो जाता है।
इस बार फिर अच्छेजा और श्यामनगर गांव में पुलिस लाइन की जमीन के लिए प्रस्ताव बनाया गया, लेकिन इसमें खेल करते हुए लखनऊ की एक कंपनी को करीब 75 करोड़ का लाभ पहुंचाने के लिए प्रस्ताव भेजने से पहले दिल्ली के एक बिल्डर की सर्किल रेट पर 26 एकड़ जमीन खरीदवा दी गई। बाद मेें इस जमीन को पुलिस लाइन के प्रस्ताव में शामिल कर लिया गया ताकि उक्त कंपनी को सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा मिल सके।
अमर उजाला में इस जमीन के प्रस्ताव में 75 करोड़ के गोलमाल की आशंका का समाचार प्रकाशित होते ही जिलाधिकारी अदिति सिंह ने एसडीएम सदर अजय श्रीवास्तव को हटाकर सत्यप्रकाश को नियुक्त कर मामले की जांच उन्हें सौप दी। कुछ लोगों ने इस घपले के संबंध में महत्वपूर्ण दस्तावेज भी एसडीएम को सौंप दिए थे, लेकिन जांच अभी तक ढीली है।
बृहस्पतिवार सुबह जिलाधिकारी अदिति सिंह ईदगाह का निरीक्षण करने पहुंची थीं। उन्होंने वहीं एसडीएम सदर सत्यप्रकाश को जमकर फटकार लगाई और शाम तक रिपोर्ट सौंपने को कहा। माना जा रहा है कि इस मामले की रिपोर्ट आते ही कुछ अफसरों पर गाज गिर सकती है।
इस मामले को लेकर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व जयनाथ यादव से बातचीत की गई। उनका कहना था कि जिलाधिकारी ने एसडीएम को तत्काल मौके पर जाने और शाम तक जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे। उसके बाद वह वहां गए भी लेकिन शाम तक जांच रिपोर्ट नहीं मिल सकी। बल्कि कुछ तकनीक कारण बताए गए हैं जिनका निस्तारण किया जा रहा है।