ओडीएफ गांवों के शैचालयों में भरा मिला उपले और भूसा
गढ़मुक्तेश्वर। जापानी पत्रकार के निरीक्षण में गंगा किनारे से जुड़े ओडीएफ गांव की पोल खुली। इक्का-दुक्का घरों के अलावा शौचालयों का इस्तेमाल न होने से जंगल में लोटा पार्टी का दौर नहीं थम रहा।
मोदी सरकार ने जापान के सहयोग से बनारस को क्यूटो के रूप में विकसित करने की मुहिम चलाई हुई है। इसके तहत दिल्ली में कार्यरत जापानी मीडिया के प्रतिनिधि हिरोशी मोरी गंगा किनारे से जुड़े ओडीएफ गांवों की हकीकत परखने के मकसद से बृहस्पतिवार को गढ़ क्षेत्र के दौरे पर आए। जो गंगा विचार मंच के वेस्टर्न यूपी सह संयोजक अशोक शर्मा, जिला संयोजक प्रदीप भाटी, जिला सह संयोजक नरेश शर्मा, नगर संयोजिका पिंकू त्यागी और नगर संयोजक डॉ. मगन सिंह को साथ लेकर गंगा किनारे से जुड़े गांव गड़ावली में पहुंचे। उन्होंने दर्जनों घरों में पहुंचकर सरकारी स्तर से स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनवाए गए शौचालयों का निरीक्षण किया को सारी हकीकत खुलकर सामने आ गई। क्योंकि इक्का दुक्का घरों के अलावा अधिकांश शौचालयों का इस्तेमाल उपले और भूसा भरने के साथ ही घरेलू सामान रखने में होता मिला। निरीक्षण करने के बाद जापानी पत्रकार हिरोशी मोरी ने गंगा विचार मंच के नगर संयोजक डॉ. मगन सिंह के आवास पर पत्रकार वार्ता की। इसमें उन्होंने बताया कि सरकारी स्तर से ओडीएफ घोषित किए जा चुके गंगा किनारे वालों गांवों की जमीनी हकीकत पूरी तरह जुदा है। क्योंकि इक्का-दुक्का के अलावा अधिकांश शौचालय स्टोर रूम के तौर पर इस्तेमाल होने से गांवों के जंगल में लोटा पार्टी की कुप्रथा थम नहीं पा रही है। हिरोशी मोरी ने बताया कि इस संबंध में वीडियो क्लिप और फोटोग्राफ को संलग्न करते हुए भारत सरकार को रिपोर्ट प्रेषित करेंगे, ताकि ओडीएफ घोषित किए जा चुके गंगा किनारे वाले गांवों में स्टोर रूम बने शौचालयों का इस्तेमाल शुरू होने पर जंगल में लोटा पार्टी की कुप्रथा पर पूरी तरह अंकुश लगना मुमकिन हो जाए।