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सावधान! गन्ने की फसल को तबाह कर रहा पोका बोइंग

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जिले में पोका बोइंग पसार रहा पांव, गन्ना किसान परेशान
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- टॉप बोरर से भी खतरनाक है यह रोग, किसानों की बढ़ी चिंता
- जिले में अधिकांश गन्ने की फसल पर पोका बोइंग सक्रिय
- औपचारिकता बरतने में जुटे कृषि विभाग के अधिकारी, नहीं दे रहे ध्यान
- बारिश का मौसम रोग इस रोग के फैलने के लिए अनुकूल

हापुड़। जिले में गन्ने की फसल पर टॉप बोरर के साथ अब पोका बोइंग रोग कहर बरपा रहा है। इसके कीट हवा के साथ फैलते है। अचानक इस बीमारी के जिले में सक्रिय होने से गन्ना किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई है। लाख कीटनाशक के छिड़काव के बाद भी यह बीमारी काबू में नहीं हो रही है। जबकि कृषि विभाग के अधिकारी सिर्फ औपचारिकता निभाने में व्यस्त हैं। जानकारों का मानना है कि जल्द इन कीटों पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो इस बार गन्ने की फसल चौपट हो सकती है।
जानकारी के अनुसार इस रोग की चपेट में आने से गन्ने की फसल टॉप बोरर की तरह ऊपरी हिस्सा सूखाने लगाता है। कुछ ही दिनों में ईख का अगोला सूखकर नीचे गिर जाता है, इससे पूरी फसल लगभग चौपट हो जाती है। आश्चर्य की बात यह है कि इस बीमारी की कई बार शिकायत के बाद भी स्थानीय कृषि विभाग के अधिकारी कोई दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
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क्या है पोका बोइंग रोग
गन्ने की फसल में पोका बोइंग रोग लगने पर पत्तियां सिकुड़ने लगती है, लाल रंग के चकते बन जाते हैं, पत्ती में संक्रमण के कारण बिंदु जैसी आकृति काफी संख्या में बन जाती है, कुछ ही दिनों में अगोला सूखकर लटक जाता है। गन्ना चाकू की तरह कटता प्रतीत होता है।
-पोका बोइंग रोग के लिए अनुकूल मौसम-
पोका बोइंग रोग के फैलने के लिए बरसात का मौसम बेहद उपयुक्त है। बरसात के दिनों में यह रोग हवा के साथ बहुत तेजी से फैलता है। यही कारण है कि इन दिनों यह रोग समूचे क्षेत्र में दिखाई पड़ रहा है। 30 डिग्री तक के तापमान पर यह रोग तेजी से सक्रिय होता है।
-इस तरह पाए रोग पर काबू-
इस रोग से गन्ने का जो पौधा संक्रमित है, उसे काटकर दबा देना चाहिए। क्योंकि खुले में फेंकने पर यह रोग अन्य फसल पर भी सक्रिय हो जाता है। रोकथाम के लिए कार्बोंडाजिम की 500 ग्राम मात्रा को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ फसल पर स्प्रे कर देना चाहिए।
क्या कहते हैं किसान-
गांव धनौरा निवासी शिवकुमार त्यागी ने बताया कि गन्ने की फसल पर रोग इस कदर हावी है कि अगोला सूखता जा रहा है। अगोले में गलन बढ़ रही है, कृषि विभाग के अधिकारी किसानों की समस्या नहीं सुन रहे हैं। ऐसे में किसानों को काफी परेशान होना पड़ रहा है।
--फोटो फाइल संख्या 06एचपीआर पीएच-10
गांव सीतादेही निवासी यशवीर सिंह ने बताया कि गन्ने की फसल में काफी दवाओं का छिड़काव करा दिया है, लेकिन फिर भी फसल खराब होती जा रही है। कुछ जानकारों ने फसल में पोकाज बोइंग रोग लगने की बात कही है, ऐसे में उनकी समस्या बढ़ गई है। कृषि विभाग के अधिकारी जल्द नहीं चेते तो उग्र आंदोलन किया जायेगा।
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--फोटो फाइल संख्या 06एचपीआर पीएच-11
जिला कृषि रक्षा अधिकारी सतीश मलिक का कहना है कि गन्ने की फसल में यह बीमारी तेजी से फैल रही है। रोग से बचाव के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है, किसान बिना सलाह के दवाओं का प्रयोग न करें।
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