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मुआवजे की मांग को लेकर भाकियू का बेमियादी आंदोलन जारी

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भूख हड़ताल पर बैठीं पांच महिलाएं
- मुआवजे की मांग को लेकर भाकियू का बेमियादी आंदोलन जारी
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। मुआवजे की मांग को लेकर चल रहे भाकियू के बेमियादी आंदोलन में शुक्रवार को पांच महिलाएं भूख हड़ताल पर बैठ गई है। जो मुआवजा न मिलने पर 31 दिसंबर से आमरण अनशन करेंगी।
किसानों को सर्किल रेट के अनुरूप मुआवजा दिए बिना ही गढ़ में हाईवे किनारे चालू कराई गई कृषि उप मंडी में चल रहा भाकियू का बेमियादी धरना आंदोलन का रूप लेते नजर आ रहा है। 19 वें दिन शुक्रवार को महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष बबली त्यागी के नेतृत्व में आसमा खातून, मुशर्रफ जहां, नईमा खातून और शमीम भूख हड़ताल पर बैठ गईं। बबली त्यागी ने बताया कि जिन किसानों की 74 बीघा जमीन अधिग्रहीत कर मंडी बनाई गई है, अगर उन्हें बहुत जल्द सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा नहीं दिया गया तो फिर उत्पीड़न के विरोध में महिलाओं की भूख हड़ताल 31 दिसंबर को आमरण अनशन में बदल दी जाएगी। मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा, सचिव रामपाल चौहान, कार्यकारिणी सदस्य शब्बू चौधरी, जिला महासचिव दिनेश त्यागी, जिला उपाध्यक्ष प्रधान अय्यूब ने कहा कि उचित मुआवजा दिलाने की बजाए शासन-प्रशासन समेत मंडी महकमा किसानों का खुला उत्पीड़न कर रहा है। क्योंकि जमीन छिनने और अभी तक सर्किल रेट की दर से मुआवजा न मिल पाने से दर्जनों किसानों के परिवार रोजगार छिनने से भुखमरी के कगार पर खड़े हैं। श्याम सुंदर त्यागी, प्रधान करन सिंह, नबी खां, मोमीन अली, कृष्णपाल गिरि, इफ्तेकार, नत्थू त्यागी, बबलू चौधरी, परवेज, महेंद्र, मुकीम खां, सोनू सैनी, बीना, अफसार, रिजवाना, अफसरी, रुकैया, रहनुमा, भूरी, इनाम, मुबारक, फरहान, इकराम, ब्रजपाल, इंशाद, तौसीफ, मनुवा, राहत, ताज मोहम्मद आदि मौजूद रहे।
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गन्ना पेराई धीमी पड़ने पर भड़के भाकियू कार्यकर्ता
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। सिंभावली और ब्रजनाथपुर चीनी मिलों को पूरी पेराई क्षमता के साथ चलवाने की मांग को लेकर शुक्रवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। डीएम ने जल्द राहत दिलाने का आश्वासन दिया है। भाकियू जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री ने कहा कि जिले की दोनों चीनी मिल के अधिकांश गन्ना क्रय केंद्र बंद हो गए हैं। दोनों मिलें किसानों का गन्ना नहीं खरीद रही है, इस कारण गन्ना किसान परेशान हैं।
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सिंभावली चीनी मिल 55 हजार क्विंटल गन्ना प्रतिदिन खरीद रही थी, लेकिन अब यह खरीद मात्र दस हजार क्विंटल रह गई है। खेतों में गन्ना खड़ा रहने के कारण किसान गेहूं की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। इसी बीच जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे चीनी मिल के मुख्य महाप्रबंधक करण सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश पर दोनों चीनी मिलों की डिस्टलरी बंद हैं। शीरे के टैंक भर चुके हैं। ऐसे में पेराई करने में दिक्कत हो रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से डिस्टलरी चलाने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल गया है। अब प्रदेश के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का आदेश मिलते ही डिस्टलरी चालू हो जाएगी। जिलाधिकारी कृष्णा करुनेश ने कहा कि मिल जल्द से जल्द पूरी क्षमता के साथ चलाया जाए। इस बात का ध्यान रखा जाए कि किसान को परेशान नहीं होना पड़े। ज्ञापन सौंपने वालों में चौधरी सतवीर सिंह, कुशलपाल आर्य, रामपाल सिंह, बुलंदशहर के पूर्व जिलाध्यक्ष बिशन सिंह सिरोही, नितिन बाना, चौधरी यशवीर सिंह, अमरपाल सिंह, ओमेंद्र सिंह, जगवीर सिंह आदि मौजूद रहे।



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