आधार से मिलेगी रिश्ते को पहचान
सामाजिक रीति-रिवाज और जाति प्रथा के कारण हर साल प्रेमी जोड़ों को घोर यातनाओं से गुजरना पड़ता है। इसके बाद भी बहुत कम ही ऐसे रिश्ते होते हैं, जो शादी के मुकाम तक पहुंच पाते हैं। अब दो दिलों को मिलने में कोई परेशानी नहीं होगी।
बस आपके हाथ में मौजूद मोबाइल और जेब में पड़ा आधार कार्ड इस काम को पूरा कराने में बड़ी भूमिका निभाएगा। ये दोनों चीजें युवा दिलों को शादी पंजीकरण का प्रमाण पत्र घर बैठे ही दिला देंगी।
सरकार के स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग से ऑनलाइन आधारित शादी पंजीकरण का प्रमाण पत्र दिया जा रहा है। जिसमें चंद घंटों में शादी का सरकारी प्रमाण पत्र बनकर मिल जाएगा। पहले इस प्रमाण पत्र को लेने के लिए जोड़े रजिस्ट्रार दफ्तर के चक्कर काटते थे।
इन जोड़ों को यह भी डर होता था कि कोई उन्हें प्रमाण पत्र लेने से पहले देख न ले। अब किसी युवा जोड़े को ऐसी मुसीबतों को सामना नहीं करना पड़ेगा। घर बैठे ही मोबाइल या कंप्यूटर से ऑनलाइन आवेदन करने से यह सरकारी प्रमाण पत्र मिल जाएगा।
इस वेबसाइट से मिलेगा प्रमाण पत्र
उत्तर प्रदेश सरकार की वेबसाइट में हिंदूू विवाह पंजीकरण के पेज में आधार आधारित लिंक को खोला जाता है। इस लिंक के खुलते ही युवक और युवती को अपने मोबाइल नंबर के साथ आधार नंबर को डालना होगा। इसके बाद वन टाइम पासवर्ड का मैसेज मोबाइल पर आएगा।
इस मैसेज की पुष्टि के बाद ही शादी पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी। इस प्रक्रिया से शादी करने वाले स्थान की जानकारी भी देनी होती है। शादी करने वाले जोड़ों में किसी एक को भारतीय होने के साथ ही उत्तर प्रदेश का निवासी होना अनिवार्य है।
इस प्रक्रिया के पूर्ण व सत्यापन होने के बाद ऑनलाइन शादी पंजीकरण प्रमाण पत्र रजिस्ट्रार दफ्तर से जारी कर दिया जाता है। रजिस्ट्रार दफ्तर के अफसरों ने बताया कि अब शादी के नाम पर धोखाधड़ी नहीं हो सकेगी।
आधार और मोबाइल नंबर दर्ज होने से व्यक्ति को एक ही बार ही शादी पंजीकरण का प्रमाण पत्र मिल सकता है। हिंदू मैरिज एक्ट के तहत किसी भी व्यक्ति को दूसरा प्रमाण पत्र नहीं जारी हो सकता।