दो साल से बंद डेयरी को भेजा टैक्स का नोटिस
- ग्रामीणों ने जिला पंचायत पर लगाया बिना सत्यापन नोटिस जारी करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। जिला पंचायत की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में बिना सर्वे किए ही टैक्स के नोटिस भेजने पर ग्रामीणों ने रोष जताया है। टैक्स को लेकर ग्रामीण कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
सिंभावली क्षेत्र के गांव भोवापुर निवासी बुजुर्ग महेंद्र सिंह का कहना है कि करीब दो वर्ष पहले उसने गांव में दूध की डेयरी चलाई थी। काम नहीं चलने पर डेयरी बंद हो गई। दो वर्ष बाद अब जिला पंचायत की ओर से उन्हें टैक्स जमा करने का नोटिस मिला है। यह स्थिति केवल उनकी नहीं है, बल्कि कुछ और ग्रामीणों को भी इसी प्रकार से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
ग्रामीण महेंद्र सिंह ने बताया कि जिला पंचायत द्वारा कर वसूलने के लिए पहले ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वे कराया जाना चाहिए था। इसी के बाद व्यावसायिक गतिविधियों के लिए कर वसूलने के लिए नोटिस जारी किए जाते हैं। मगर, जिला पंचायत ने पुराने सर्वे पर ही नोटिस जारी कर दिए हैं, जिससे ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। अपर मुख्य अधिकारी नरेश यादव का कहना है कि नोटिस में किसी प्रकार की आपत्ति है तो कार्यालय में संपर्क कर सकता है। जांच कराकर उसे निरस्त करा दिया जाएगा।