हड़ताल से 60 करोड़ का कारोबार प्रभावित
- बैंक कर्मियों ने जुलूस निकाल किया जोरदार प्रदर्शन
- ग्राहकों को जरूरी कार्य निपटाने में हुई परेशानी
- यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियनस के आह्वान पर की हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़।
अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर मंगलवार को बैंककर्मियों ने कार्य का बहिष्कार कर गढ़ रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के बाहर प्रदर्शन कर जुलूस निकाला। हड़ताल से जिलेभर में करीब 60 करोड़ का कारोबार प्रभावित रहा। एटीएम भी शोपीस बनी रहे। पूरे दिन ग्राहक परेशान रहे।
प्रदर्शन के दौरान यूएफबीयू के मंत्री एलआर गुप्ता ने बताया कि यह हड़ताल सरकार की मजदूर, कर्मचारी, जनता विरोधी नीतियों के विरोध में की गई है। उनका कहना था कि एनपीए की वसूली पर संसदीय समिति की अनुशंसा को लागू किया जाए, ऋणों की वसूली के लिए कठोर कानून बनाए जाएं, संसद में प्रस्तावित एफआरडीआई बिल को वापस लिया जाए, बैंक बोर्ड ब्यूरो का उन्मूलन किया जाए। सभी संवर्गों में पर्याप्त भर्ती की जाए, कर्मचारियों से संबंधित मुद्दों का यथाशीघ्र समाधान किया जाए। इन मांगों का निस्तारण नहीं होने पर बैंक कर्मी गढ़ रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के बाहर एकत्र हुए और प्रदर्शन किया। एलआर गुप्ता ने बताया कि यदि मांगों का निस्तारण नहीं हुआ तो वह 15 सितंबर को संसद का घेराव करेंगे।
प्रदर्शन करने वालों में वेदप्रकाश, राहुल, आरके माहेश्वरी, लोकेश, अमरनाथ सिंह, एसएस खन्ना, सतीश, पीके गर्ग, प्रदीप शर्मा, बलराज, एके धवन, अभिषेक राज, अतुल सिंह, अल्तमस मौजूद रहे।
कोठीगेट निवासी ग्राहक हिमांशु मित्तल का कहना है कि वह जरूरी कार्य से बैंक पहुंचे थे। वहां पता चला कि हड़ताल के कारण कामकाज बाधित है। ऐसे में उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
--फोटो फाइल संख्या 22एचपीआर पीएच-03
कसेरठ बाजार निवासी ग्राहक विनोद वर्मा का कहना है कि पैसों की काफी जरूरत थी। एटीएम से भी पैसा नहीं मिल सका, ऐसे में उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
--फोटो फाइल संख्या 22एचपीआर पीएच-04
त्रिवेणी गंज निवासी पप्पू का कहना है कि बैंक कर्मियों की हड़ताल से ग्राहकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैंक से पैसा न मिलने के कारण उन्हें भटकना पड़ा।
--फोटो फाइल संख्या 22एचपीआर पीएच-05
एलडीएम एपी चतुर्वेदी का कहना है कि बैंक कर्मियों की हड़ताल से करीब 60 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। हड़ताल के कारण ही ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।