शस्त्र लाइसेंस के लिए चुकानी होगी स्टांप ड्यूटी
हापुड़। शस्त्र लाइसेंस पर लगी रोक हटने के बाद असलाह विभाग मेें लोगों की भीड़ जमा होने लगी है, वहीं इस बार आयुध नियमावली 2016 के तहत लाइसेंस बनवाने के लिए नियमों में थोड़ा परिवर्तन किया गया है। इस बार लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदकों को स्टांप ड्यूटी चुकानी होगी तथा शस्त्र खरीदने की बाध्यता भी दो वर्ष रखी गई है।
नए शासनादेश के तहत रिवाल्वर व पिस्टल के लिए दो हजार, रायफल के लिए 1500 रुपये, सिंगल व डबल बैरल के लिए एक हजार रुपये की स्टांप ड्यूटी चुकानी होगी।
लाइसेंस बनवाने के दो साल के अंदर शस्त्र नहीं खरीदा गया तो लाइसेंस को निरस्त कर दिया जायेगा। वहीं तीसरा शस्त्र लाइसेंस लेना भी मुश्किल होगा। इसकी रिपोर्ट मंडलायुक्त से लेकर शासन तक की जायेगी। तीसरे शस्त्र लाइसेंस के संबंध में आए आवेदनों की डिटेल हर माह की पांच तारीख को कमिश्नर को भेजनी होगी।
इसके अलावा अभी तक रिवाल्वर और पिस्टल असलाह धारकों को सालाना 25 कारतूस मिलते थे, लेकिन अब 200 कारतूस सालाना खरीदे जा सकेंगे। राइफल धारक 75 कारतूस ले सकेंगे। शस्त्र लाइसेंस लेने वालों को पहली बार में 100 कारतूस खरीदने पर खोखे वापस नहीं करने होंगेे। अन्यथा कारतूस लेने पर 80 प्रतशित खोखे वापस करने होंगे।
अभी तक 511 फार्म की हुई बिक्री
शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए जिला कलक्ट्रेट स्थित कार्यालय से अभी तक 511 फार्म की बिक्री हो चुकी है। कलक्ट्रेट स्थित असलाह विभाग में शस्त्र लाइसेंस बनवाने के नियमों की जानकारी करने से लेकर आवेदन फार्म खरीदने वालों की भीड़ देखी जा सकती है।