हापुड़। कार्तिक मेले के मानचित्र पर आने के साथ ही अब 106 करोड़ रुपये की नौ परियोजनाओं से गंगानगरी को मिनी हरिद्वार के रूप में तराशा जाएगा। मार्च 2026 तक सभी महत्वपूर्ण कार्य पूरे होंगे, इसमें भव्य इमारतों के साथ ही पर्यटन सूचना केंद्र और जैव विविधता पार्क के नजारे श्रद्धालुओं को आकर्षित करेंगे।
गंगानगरी बृजघाट में हर साल कार्तिक मेला लगता है, इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आ चुके हैं। मेले को सरकार ने मानचित्र पर भी शामिल किया है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद से गंगानगरी को पर्यटन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
ब्रजघाट को मिनी हरिद्वार की तर्ज पर संवारने के लिए पर्यटन विभाग की 12 परियोजनाएं पर काम चल रहा है। इनमें करीब आठ करोड़ से चार योजनाओं से जुड़े कार्य जैसे घाटों का निर्माण, गंगा मंदिर का विकास, लाइट लगाने आदि का कार्य पूरा हो चुका है। इसके साथ अब 9 अन्य बड़ी परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य चल रहा है।
करीब 106 करोड़ रुपये से इन परियोजनाओं पर काम हो रहा है। हालांकि, कार्तिक मेला और इससे पहले बारिश के कारण आई बाढ़ से सभी कार्य अधर में लटक गए थे, लेकिन अब तेजी से काम चल रहा है। (संवाद)
इन कार्यों से बदलेगी गंगानगरी की सूरत
* ब्रजघाट का समेकित पर्यटन सुविधाओं के सृजन एवं पर्यटन विकास कार्य पर 13 करोड़ खर्च होंगे।
* ब्रजघाट में टीएफसी कम मल्टीकल्चरल हब के पर्यटन विकास कार्य पर करीब 22 करोड़ खर्च होंगे।
* वीआईपी घाट पर पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं के सृजन कार्य पर करीब 11 करोड़ खर्च होंगे।
* मल्टीलेवल पार्किंग एवं प्रवेश द्वार पर करीब 43 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
* पर्यटन स्थलों पर सुलभ प्रसाधन, पीने का पानी, आरओ, इंटरलॉकिंग टाइल्स, साइनेज/हाईमास्ट लाइट पर करीब 7 करोड़ खर्च होंगे
* नक्का कुआं के पर्यटन विकास कार्य पर 1.67 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
कोट -
कार्तिक मेला और बाढ़ के जलभराव के चलते तीन महीने तक कार्य प्रभावित रहा था। अब कार्य तेजी के साथ कराया जा रहा है, मार्च 2026 तक शेष बची परियोजनाओं को पूर्ण कर लिया जाएगा। - दीपिका सिंह, पर्यटन विभाग।