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छठ पूजा:महिलाओं ने सूर्य को अध्र्य दे किया व्रत का समापन

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छठ पर्व: उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रतियों ने मांगा अखंड सौभाग्य
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हापुड़/गढ़मुक्तेश्वर/पिलखुवा। उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ व्रतियों ने गंगा मैया में आस्था की डुबकी लगाई और फिर वैदिक रीति रिवाज से पूजा अर्चना करने के बाद निर्जला व्रत खोला। महिलाओं ने छठ मैया से अखंड सौभाग्य और पुत्रों के दीर्घायु होने की कामना की। इसके साथ ही तीन दिन से चल रहा छठ महोत्सव संपन्न हो गया।
कार्तिक शुक्ल पक्ष की सप्तमी पर बुधवार को छठ व्रतियों ने ब्रजघाट गंगा की जलधारा में खड़े होकर उगते सूरज को अर्घ्य दिया। इसके बाद व्रतियों ने मोक्ष दायिनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर केले के पत्ते, शकरकंद, सिंघाड़ा, सेब, अनार, अनानास, मूली, लाल फूल, गन्ना समेत विभिन्न प्रकार के फल और हरी सब्जियों के साथ सूर्यदेव की वैदिक रीति रिवाज से पूजा अर्चना की। कार्तिक सप्तमी पर उगते सूरज को अर्घ्य देने के बाद ब्रजघाट गंगानगरी में पंचमी को प्रारंभ हुआ तीन दिवसीय छठ महोत्सव संपन्न हो गया।
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हापुड़ में मोदीनगर रोड पर स्थित चंद्रलोक कॉलोनी में शहर और आसपास रहने वाले पूर्वांचल और बिहार के लोगों ने छठ पूजन धूमधाम से किया। महिलाओं ने बुधवार सुबह जल कुंड में खड़े होकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। छठ पर्व पर महिलाएं दो दिन तक अपने पति व बच्चों की दीर्घायु के लिए निर्जल व्रत रखती हैं। बुधवार को महिलाओं ने चंद्रलोक कालोनी स्थित शिव मंदिर के कुंड में खड़े होकर उगते सूर्य को गन्ना, हरि सब्जियां, फल आदि के साथ सूर्यदेव को अर्घ्य देकर भगवान की पूजा अर्चना करने के बाद अन्न ग्रहण कर व्रत खोला। श्रद्धालु जीनाथ पांडेय ने बताया कि छठ पूजा पर महिलाएं व्रत रखकर फूल, फल, चना आदि से छठ मैया की पूजा अर्चना करते हुए अपने परिवार की सुख, शांति के लिए मनोकामना करती हैं।
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पिलखुवा में छठ पूजा पर उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के बाद विधि विधान से समापन किया। महिलाओं ने पूजा अर्चना के बाद अपने व्रत खोले। मैया से बच्चों की दीर्घायु और परिवार की खुशियां से झोली भरने की मन्नतें मांगीं। बुधवार को छठ पूजन के चलते नगर के कई स्थानों परं महिलाओं की काफी भीड़ रही। सुबह छठ पूजन करने वाले लोग बैंडबाजे के साथ नवरंगपुरी मोहल्ले में पहुंचे। जहां डीजे पर भजन चल रहे थे। महिलाओं ने पानी में खड़े होकर हाथों में फलों की टोकरी ली और सूर्य को अर्घ्य दिया। अर्घ्य के बाद महिलाओं ने गन्ने के साथ पूजन किया। उसके बाद श्रद्धालुओं ने मैया के जयकारे लगाते हुए आराधना की। परिवार में सुख शांति और बच्चों की दीर्घायु के लिए कामना की गई। महिलाओं ने पूजा की सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद अपने उपवास खोले। लोगों को प्रसाद का वितरण किया गया। बच्चों ने त्योहार पर आतिशबाजी की। नवरंग पुरी में घंटों तक श्रद्धालु महिलाओं का मेला लगा रहा। पूजन करने वालों में सुनीता, विमल, आरती, शशी, बीना अनीता, छठ सेवा समिति के आयोजक हरीहर यादव, योगेंद्र श्रीवास्तव, शंभूलाल, प्रेमचंद, मनोज, टिंकू रामनोल, संजय तिवारी, दीपू, वीरेंद्र, प्रेमचंद आदि थे।
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