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ठेंगे पर आदेश, चंदा जुटाकर बदले जा रहे ट्रांसफार्मर

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ठेंगे पर आदेश, चंदा जुटाकर बदले जा रहे ट्रांसफार्मर
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हापुड़। देहात अंचल में फुंके ट्रांसफार्मर बदलने के लिए अब भी ग्रामीणों को दशकों पुरानी परंपरा निभानी पड़ रही है। ऊर्जा निगम के अफसरों से सहयोग न मिलने के कारण ग्रामीण घर-घर से चंदा एकत्रित कर फुंका ट्रांसफार्मर बदलवा रहे हैं। कई गांवों में तो एक पखवाड़े से ट्रांसफार्मर फुंके पड़े हैं, जबकि योगी सरकार ने 24-48 घंटे के अंदर निगम के खर्च पर सुविधा देने के निर्देश दिए हैं।
योगी सरकार बिजली व्यवस्था सुधार के लिए बड़े स्तर पर कार्य कर रही है, लेकिन स्थानीय निगम अफसरों की अनदेखी से सरकार की महत्वपूर्ण योजनाएं कागजों तक ही सिमट कर रह जा रही हैं। सरकार ने ट्रांसफार्मर की बदली 24-48 घंटे में कराने की घोषणा की थी। इसके लिए 1912 हेल्पलाइन नंबर शुरू किया गया।
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इस नंबर पर सूचना के बाद निगम की ओर से फुंके ट्रांसफार्मर को निशुल्क बदलने का नियम है। इसके लिए करोड़ों रुपये के टेंडर भी निकाले गए। लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि शिकायती नंबर पर कॉल करने के बाद भी कई सप्ताह तक ग्रामीणों को ट्रांसफार्मर नसीब नहीं हो पा रहे हैं। मजबूरी में ग्रामीणों को दशकों पुरानी व्यवस्था फिर से अपनानी पड़ रही है। फुंके ट्रांसफार्मर से प्रभावित इलाके के लोग खुद ही घर-घर से चंदा एकत्र कर निगम कर्मचारियों को सुविधा शुल्क देकर ट्रांसफार्मर की बदली करवा रहे हैं। अफसरों की जानकारी में पूरा मामला होने के बाद भी वह मूकदर्शक बने बैठे हैं।

बोले ग्रामीण: सुविधा शुल्क मांगते हैं अधिकारी-कर्मचारी
गोहरा आलमगीरपुर गांव
गांव आलमगीरपुर में लगा ट्रांसफार्मर बीते 16 दिन से फुंका पड़ा है। ग्रामीण अफसरों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन ट्रांसफार्मर अब तक बदला नहीं गया है। गांव निवासी सुरेंद्र, मनोज, कालू, अमित, सुमित, रवि, रिंकू आदि ने बताया कि कर्मचारी सुविधा शुल्क मांग रहे हैं। मजबूरी में अब चंदा एकत्र करना पड़ रहा है।
गांव तुमरैल
तुमरैल गांव में लगा ट्रांसफार्मर एक सप्ताह से फुंका पड़ा है। ग्रामीण 1912 पर भी शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है। संदीप शर्मा समेत अनेक ग्रामीणों ने बताया कि अफसरों की ओर से राहत न मिलने के कारण चंदा एकत्र कर वह खुद ही ट्रांसफार्मर बदलवाने का प्रयास कर रहे हैं।
गांव पांची
हापुड़ डिवीजन के गांव पांची में लगा 100 केवी क्षमता का ट्रांसफार्मर फुंका गया था। निगम अफसरों की ओर से राहत नहीं मिलने पर ग्रामीणों को चंदा एकत्र कर ट्रांसफार्मर बदलवाना पड़ा। ग्रामीण दिनेश त्यागी ने बताया सरकार की 48 घंटे में ट्रांसफार्मर बदली की योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।

कोट
ट्रांसफार्मर बदलने के लिए ग्रामीणों को चंदा एकत्र करने की जरूरत नहीं है। यदि कोई सुविधा शुल्क मांगता है तो शिकायत करें। देहात में 48 घंटे के अंदर ट्रांसफार्मर बदलने का प्रावधान है। - बीएल मौर्य, अधीक्षण अभियंता

ट्रांसफार्मर नहीं बदलने पर भड़के ग्रामीण, हंगामा

गढ़मुक्तेश्वर। नानई गांव में 15 दिन से फुंका ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने से ग्रामीणों में गुस्सा है। भाकियू के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को पावर कॉरपोरेशन के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया।
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गढ़ तहसील क्षेत्र के गांव नानई के ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को भाकियू के नेतृत्व में पावर कॉरपोरेशन के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। भाकियू युवा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र चौहान ने बताया कि गांव में बिजली आपूर्ति के लिए लगा ट्रांसफार्मर पिछले 15 दिनों से फुंका पड़ा है। इसके चलते उमस भरी गर्मी में लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं पीने के पानी और पशुओं के लिए चारा काटने का संकट भी झेलना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आपूर्ति ठप होने से इन्वर्टर समेत बिजली से चलने वाले तमाम उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं। कई बार अधिकारियों और कर्मचारियों से शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसके चलते ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ रहा है। भाकियू ने जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर न बदलवाए जाने पर पावर कॉरपोरेशन के दफ्तर का घेराव कर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं एसडीओ हरि सिंह का कहना है कि जल्द ही ट्रांसफार्मर बदलवाकर ग्रामीणों को परेशानी से निजात दिला दी जाएगी। प्रदर्शन करने वालों में संजय चौहान, हरेंद्र प्रधान, लेखराज, राहुल, नरेश, ओमप्रकाश, राकेश, सुनील, सुशील, सुभाष, बाली, कंचन, ब्रजपाल, प्रमोद, बब्लू, फजलू, मुकेश, पिंटू, सतीश, इरफान, गुलफाम समेत दर्जनों ग्रामीण शामिल रहे।
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