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राजस्व वसूली को आमने सामने दो विभाग

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राजस्व वसूली पर दो विभागों में रार से सड़कों पसरा अंधेरा
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- बिल जमा न होने पर पावर कारपोरेशन ने काटी स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शन, नगर पालिका ने भी थमाये नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। राजस्व वसूली के लिए पावर कारपोरेशन व नगर पालिका में ठन गई है। नगर पालिका की ओर से बकाया राशि नहीं मिलने पर पावर कारपोरेशन ने फ्रीगंज रोड व रेलवे रोड की स्ट्रीट लाइटों का कनेक्शन काट दिया है। जबकि नगर पालिका ने भी पलटवार करते हुए पालिका क्षेत्र में लगे ट्रांसफार्मर व बिजली घरों से किराया वसूलने की तैयारी कर ली है। उधर, विभागों की इस लड़ाई में सड़कों पर रात में अंधेरे पसरा रहता है, जिसका लाभ चोर उठा सकते हैं।
नगर पालिका ने हाल ही में फ्रीगंज रोड पर लाइटें लगाई गई हैं। कुछ दिनों से जगमगा रही फ्रीगंज रोड व रेलवे रोड अब अंधेरे में डूबी रहेगी। दरअसल, सरकारी विभागों से भी राजस्व वसूली के आदेश हैं। इसी मामले को लेकर पावर कारपोरेशन ने सरकारी विभागों पर बिजली के बिल बकाए की सूची जारी की थी। जिसमें नगर पालिका पर भी करीब 90 लाख रुपये का राजस्व बकाया है। इसी के चलते पावर कारपोरेशन ने पालिका के फ्रीगंज रोड व रेलवे रोड पर लगाई गई स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शन काट दिए। इस कार्रवाई से नाराज नगर पालिका ने पलटवार करते हुए पावर कारपोरेशन के पालिका क्षेत्र में लगे ट्रांसफार्मर व बिजली उपकेंद्रों से किराया वसूलने की तैयारी कर ली है। नगर पालिका ने भी इसके लिए कारपोरेशन को नोटिस जारी कर दिया है।
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नगर पालिका ईओ जितेंद्र कुमार आनंद ने बताया कि शासन से पहले ही आदेश जारी हो चुका था कि राजस्व बढ़ाने के लिए पालिका क्षेत्र में लगे ट्रांसफार्मर व बिजली उपकेंद्रों से किराया वसूला जाएगा। कारपोरेशन को जनहित में कनेक्शन नहीं काटने चाहिए थे।
पावर कारपोरेशन के एक्सईएन सचिन कुमार ने बताया कि ट्रांसफार्मर ओवर लोडिंग होने के कारण कनेक्शन काटे गए हैं। राजस्व वसूली से इसका कोई लेना नहीं है। ज्वाइंट सर्वे कराकर इसका समाधान निकाला जाएगा।
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अंधेरे में चोर न हो जाएं सक्रिय --
रेलवे और फ्रीगंज रोड पर नगर के प्रमुख बाजार हैं। यहां रात के समय अंधेरा होता है तो इसका लाभ चोर उच्चके उठा सकते हैं। इस स्थिति को लेकर शहर के व्यापारियों में दहशत का महौल है। फ्रीगंज रोड पर एक प्रतिष्ठान के मालिक अभिषेक त्यागी का कहना है कि शहर में पहले ही चोरियों की वारदात काफी होती हैं। ऐसे में सड़कों पर अंधेरा रहने से व्यापारियों के लिए काफी मुश्किल होगी। दोनों विभागों को जल्द ही विवाद सुलझाना चाहिए।
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