नोटबंदी के बाद बैंकों से सालाना रिपोर्ट मांगने वाला आयकर विभाग जिले के करीब 10 हजार खातों पर रोज नजर बनाए हुए हैं। खातों में क्षमता से अधिक रकम जमा होने पर खाताधारकों के पास जनवरी माह से नोटिस जारी किए जाएंगे। साथ ही जनधन योजना के तहत खुले खातों पर भी सरकार की नजर है।
बैंक अफसरों की मानें तो नोटबंदी के बाद से आयकर विभाग बैंक से लिंक हो गया है। अफसरों के मुताबिक, आयकर विभाग बड़ी रकम का ट्रांजेक्शन करने वाले सभी खाताधारकों पर नजर बनाए हुए है। बचत खाते में 2.5 लाख रुपये और चालू खाते में 12.5 लाख रुपये से अधिक अमाउंट पहुंचते ही खाते की रिटर्न के आधार पर जांच की जाएगी।
वहीं, जिन खातों में अभी तक मामूली ट्रांजेक्सन हुआ था और नोटबंदी के बाद अचानक उनमे मोटी रकम जमा की गई है तो उसकी भी जांच की जाएगी। साथ ही जनधन योजना और मनरेगा के खाते भी आयकर विभाग के रडार पर हैं।
आयकर विभाग के सूत्र के अनुसार संदिग्ध खाता धारकों को चिन्हित कर जनवरी माह में बड़े स्तर पर नोटिस जारी कर कार्रवाई की जा सकती है। 10 हजार खाते आयकर विभाग के रडार पर हैं।
भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक राजेश कुमार का कहना है कि कैश डिपोजिट के लिए एक साइट के माध्यम से आरबीआई और आयकर विभाग लिंक है। खातों में होने वाली बड़ी ट्रांजेक्शन के आधार पर चिन्हित उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे।
आयकर भरने वालों को कोई समस्या नहीं
चार्टड अकाउंटेंट योगेश शर्मा ने बताया कि काले धन पर रोक के लिए आयकर विभाग की यह प्रतिक्रिया लाजमी है। इस स्थिति से ईमानदार लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। आयकर रिटर्न के हिसाब से अपने खातों में रुपये जमा करने वालों को कोई समस्या नहीं आएगी।