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गोदामों में रखी डेढ़ लाख क्विंटल चीनी की बोरियां सील

Wed, 03 Aug 2016 08:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
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sugar - फोटो : demo pic
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गन्ने का बकाया भुगतान नहीं करने पर गन्ना विभाग ने सिंभावली शुगर मिल पर शिकंजा कस दिया है। गन्ना विकास समिति ने बुधवार शाम मिल के गोदामों में रखी डेढ़ लाख क्विंटल चीनी को सील कर दिया। बता दें कि पेराई सत्र में सिंभावली शुगर मिल ने कुल 294 करोड़ रुपये के गन्ने की खरीद की थी,
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जिसमें संबंधित किसानों को तीन अगस्त तक महज 126 करोड़ का ही भुगतान किया जबकि मिल पर 168 करोड़ रुपये का भुगतान अब भी बाकी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेशानुसार मिल को चीनी बिक्री से होने वाली आमदनी का 85 फीसदी हिस्सा किसानों के गन्ना मूल्य के खाते में भेजनी थी

जबकि 15 फीसदी राशि अपने कामों पर खर्च करनी थी। जिसको लेकर जिला प्रशासन से हुई वार्ता में मिल प्रबंधन ने टैगिंग आदेश का पूरी तरह पालन करने का वादा किया था लेकिन इसके बाद भी किसानों को भुगतान नहीं किया गया।
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डीसीओ नमिता कश्यप के आदेश पर बुधवार देर शाम सिंभावली गन्ना विकास समिति सचिव राजीव सेठ विभागीय टीम के साथ शुगर मिल परिसर में पहुंचकर गोदामों में रखी डेढ़ लाख क्विंटल चीनी को सील कर दिया है।

समिति सचिव ने बताया कि मिल प्रबंधन हाईकोर्ट समेत गन्ना आयुक्त और टैंगिंग आदेश की खुली अवहेलना करता आ रहा है, जिसने किसानों के गन्ना खाते में पैसा भेजने की बजाए 26 करोड़ की राशि को निजी कामों में खर्च कर लिया है।

इसके अलावा गन्ना मूल्य खाते में भेजी गई 4.20 करोड़ की राशि के चेक भी बैंक खाते में पैसा जमा न होने से बाउंस हो चुके हैं। इसके बाद भी मिल प्रबंधन किसानों का पेमेंट नहीं कर पाता है, तो उसके खिलाफ हरसंभव स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।

अपने ही फसल का पेमेंट न मिलने से गन्ना उत्पादक किसान बुरी तरह आर्थिक तंगी से घिरे हैं। बच्चों की ब्याह-शादी से लेकर जरूरत पूर्ति के लिए उन्हें बैंकों समेत साहूकारों से ब्याज पर कर्ज लेना पड़ रहा है। कर्ज के बोझ में दबकर कई किसान मौत को भी गले लगा चुके हैं। इसके बाद भी मिल प्रबंधन पेमेंट करने में हीला हवाली कर रहा है।
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