लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता के खिलाफ मुकदमा व तबादला न होने से नाराज डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने बुधवार को लोक निर्माण विभाग परिसर में प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। अवर अभियंताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे का विरोध भी किया गया। महासंघ ने ऐलान किया जब तक अधिशाषी अभियंता के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने भी समर्थन दिया है।
बता दें कि लोक निर्माण विभाग, प्रांतीय खंड के अधिशाषी अभियंता एके निगम ने सोमवार को कोतवाली में तहरीर देकर जेई पुनीत विश्वकर्मा, पीके कुशवाहा, सुधीर कौशिक, विवेक तिवारी, वरिष्ठ सहायक सत्यनारायण कुशवाहा व 20 अज्ञात के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट करने व बलवे का मुकदमा दर्ज कराया था। अधिशाषी अभियंता का आरोप है कि बीते 22 दिसंबर की शाम अवर अभियंताओं ने उसके सरकारी आवास में घुसकर मारपीट की। बीचबचाव करने आई उनकी पत्नी अल्पना के साथ भी हाथापाई की गई।
मुकदमा दर्ज होने के बाद मंगलवार को डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के पदाधिकारियों ने एसपी को ज्ञापन देकर मामले की जांच कराकर एक्सईएन पर भी गंभीर आरोप लगाए और कार्रवाई की मांग की। लेकिन पुलिस ने अधिशाषी अभियंता के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। एएसपी बीके मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उधर, मुकदमा दर्ज होने पर डिप्लोमा महासंघ ने बुधवार को लोनिवि परिसर में जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
महासंघ के जनपद अध्यक्ष पुनीत विश्वकर्मा ने कहा कि यदि अधिशाषी अभियंता के साथ मारपीट की घटना हुई है, तो वह मेडिकल करवाने से क्यों डर रहे हैं। अगर अधिशाषी अभियंता के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और उनका तबादल नहीं होता, तो महासंघ आंदोलन जारी रखेगा। बताया कि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष अशोक निगम व इंजीनियरों के अन्य संघों ने आंदोलन का समर्थन करते हुए सहयोग देने को कहा है। प्रदर्शन के दौरान इंजीनियर हर्षित पटैरिया, हेमंत नामदेव, अमित कुमार, मोहम्मद कैफी, महेंद्र, सुनील कुमार, शिवराज सिंह, ओमप्रकाश आदि मौजूद थे।
कार्य बहिष्कार नहीं करेंगे
डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के जनपद अध्यक्ष दीपांकर कटियार ने बताया कि प्रांतीय खंड में 12 अवर अभियंता है। अब वह लोग अधिशाषी अभियंता का फोन तक रिसीव नहीं करेंगे। उनका आंदोलन अधिशाषी अभियंता के खिलाफ है। जब तक उनका तबादला नहीं हो जाता और रिपोर्ट दर्ज नहीं होती विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे। आंदोलन के दौरान कार्य बहिष्कार नहीं किया जाएगा। समय निकाल कर अवर अभियंता साइडों पर जाकर कार्य देखेंगे।