भरुआ सुमेरपुर (हमीरपुर)। लॉकडाउन के दौरान यातनाओं को झेलने वाले मजदूर एक बार फिर रोजी-रोटी की तलाश में परदेस को जाने लगे हैं। शुक्रवार को कस्बे से बीस श्रमिकों को बस में लेकर ठेकेदार चेन्नई रवाना हो गया।
लॉकडाउन के दौरान सैकड़ों किलोमीटर भूखे पेट, नंगे पैर घरों को लौटने वाले मजदूर अनलॉक शुरू होते ही रोजी-रोटी के लिए फिर से हाथ-पैर मारने लगे हैं। अवसर हाथ आते ही पिछला दुखदर्द भूलकर पुन: वापस जाने को तैयार होने लगे हैं। तमिलनाडु के चेन्नई में संचालित जैन मेटल रोलिंग मिल ने ठेकेदार मान सिंह को पत्र भेजकर 20 श्रमिकों की डिमांड की थी।
कंपनी का पत्र आते ही ठेकेदार ने 20 श्रमिकों को एकत्र किया और गायत्री तपोभूमि से निजी बस से चेन्नई के लिए रवाना कर दिया। श्रमिक तेज सिंह, धन सिंह, रामजीवन, राधेश्याम, संजू , पूरनलाल,संग्राम सिंह, अशोक, रामौतार, वीरपाल, अंकित, दीना, श्यामलाल, मोहन,ओमप्रकाश, सुनील पाल,सियाराम, मनसुख, रामस्वरूप व आशाराम आदि ने बताया कि घरों में खाली हाथ बैठे थे।
कंपनी ने कार्य का अवसर दिया है इसलिए उन्होंने बगैर कुछ सोचे समझे जाने का निर्णय किया है। कहा कि भूखों मरने की बजाय कुछ कमाकर कर परिवार को चलाएंगे। ठेकेदार मान सिंह ने बताया कि कंपनी ने स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइड लाइन के पालन करने का वादा किया है। मजदूरों से पूरी सुरक्षा के साथ के काम लिया जाएगा।