राठ के इटौरा गांव में झूलते तारों के नीचे खड़ी बस
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राठ। बस की छत पर चढ़कर अपनी गृहस्थी सहेज रहा मजदूर ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइन में दौड़ रहे करंट की चपेट में आ गया। ग्रामीण उसे लेकर सीएचसी पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मजदूर युवक की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
कोतवाली क्षेत्र के स्यावरी गांव निवासी अमरचंद्र (35) पुत्र कालका प्रसाद अहिरवार व उसका छोटा भाई मोहरचंद्र प्रयागराज के पास ईंट-भट्टों पर मजदूरी करते थे। गुरुवार रात करीब साढ़े 12 बजे अन्य मजदूरों के साथ ठेकेदार ने इन दोनों को भी बस से वापस घर भेज दिया। देर रात मजदूरों से भरी बस मझगवां थाने के इटौरा गांव पहुंची। सभी लोग नीचे उतरकर टहलने लगे।
मोहरचंद्र ने बताया कि उसका बड़ा भाई अमरचंद्र बस की छत पर रखी अपनी गृहस्थी का सामान देखने ऊपर चढ़ गया। तभी वहां से गुजरी हाईटेंशन विद्युत लाइन का तार सिर पर टकराने से उसे जोरदार झटका लगा। वह जमीन पर गिर कर तड़पने लगा। साथ में मौजूद परिजन उसे लेकर सीएचसी पहुंचे। वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। मजदूर की मौत पर पत्नी अनुसुइया, पुत्र नरेंद्र (15), सुगेंद्र (10) व आनेश (7) का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। छोटे भाई मोहरचंद्र ने भट्टा मालिक, ठेकेदार व बस चालक के खिलाफ तहरीर दी है।
उधर, इटौरा गांव के मनीराम, महीपत, वीरसिंह, मदनपाल, सुखदेव, अवधेश तिवारी, परमानंद, घासी राम, बाबूराम, हरिश्चंद्र, महेंद्र सिंह आदि ने बताया कि गांव में जर्जर विद्युत लाइन सही कराने के लिए विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया था। आशंका जताई थी कि गांव में झूलते तारों से हादसा हो सकता है। बताया कि इसके बावजूद विभाग ने ध्यान नहीं दिया और मजदूर की जान चली गई।