हमीरपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम (एएसजे-1) कु. अफशां ने छह साल पुराने हत्या के मामले में फैसला सुनाया है। उन्होंने पति की हत्या के मामले में आरोपी पत्नी को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
राठ नगर कोतवाली के मोहल्ला भटियाना निवासी मूलचंद्र अनुरागी की पत्नी सरस्वती ने पुलिस को 10 नवंबर 2020 को शिकायती पत्र दिया था। आरोप था कि बहू वर्षा व बेटा वीरेंद्र के बीच किसी बात को लेकर वाद-विवाद हो गया। इस पर वर्षा ने बेटे व उसके बेटे के सिर पर बट्टा से प्रहार कर दिया। चोट लगने से बेटे की मौत हो गई। पुलिस ने 11 नवंबर को पत्नी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। जांच के बाद कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने तथा साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सजा सुनाई।
हत्या के बाद की थी दूसरी शादी
पति की हत्या के बाद वर्षा ने कुछ ही समय बाद दूसरी शादी कर ली थी। राठ थानाक्षेत्र के ही सैदपुर गांव में खुशी-खुशी जीवन व्यतीत होने लगा। हालांकि यह रिश्ता भी लंबे समय तक नहीं चल पाया। कुछ समय बाद ही दोनों के बीच दूरियां हो गईं और अलग हो गए। पति की हत्या के बाद दूसरे जीवन साथी से दो बच्चे भी हुए। न्यायाधीश ने जब सजा सुनाई तो उसे कोई पछतावा नहीं था। जेल जाते वक्त उसने सिर को झुका लिया था। इस दौरान मायके पक्ष से भी कोई नहीं आया।
जेल में बीतेगा बच्चों का बचपन
वर्षा को पति की हत्या के जुर्म में सजा हुई है। कोर्ट से वह सीधे जेल भेजी गई। यहां पर वह अकेले नहीं गई। साथ में दो मासूम बच्चे भी मां के साथ जेल गए हैं। दोनों बच्चों का बचपन अब जेल की चारदीवारी में बीतेगा। मां के अपराध की सजा उन मासूमों को भी भुगतनी पड़ेगी जिनका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है।