भरुआ सुमेरपुर (हमीरपुर)। मध्य प्रदेश की सीमा कैमाहा बॉर्डर से महोबा तक चौड़ीकरण के लिए वन विभाग ने पेड़ों को काटने की एनओसी जारी करके चौड़ीकरण की राह प्रशस्त कर दी है। लेकिन कबरई से हमीरपुर तक चौड़ीकरण की तस्वीर स्पष्ट नहीं हो सकी है।
वर्ष 2016 में पीएनसी कंपनी ने नेशनल हाईवे 86 का निर्माण कराकर कबरई से कानपुर तक यातायात बहाल कराकर टोल टैक्स वसूलना शुरू किया था। बाद में हाईवे का नंबर बदलकर नेशनल हाईवे 34 किया गया। कानपुर के नौबस्ता चौराहा से कबरई के महोबा तिराहा तक कोई दिन ऐसा नहीं होता है। जिस दिन हादसे में किसी न किसी की जान न जाती हो। इसके चौड़ीकरण फोरलेन या सिक्स लेन बनाने की मांग वर्षो से हमीरपुर महोबा कानपुर के लोग कर रहे हैं। लेकिन पीएनसी से करार होने के कारण इस हाइवे के चौड़ीकरण आदि का कार्य आगे नहीं बढ़ रहा था। 21 जनवरी को पीएनसी का करार खत्म हो गया है। अब टोल टैक्स की वसूली का ठेका वेलकम इंफ्रा.को 31 मार्च तक दिया गया है। इस हाइवे में जिन्होंने अपने परिजनों को खोया है। उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसको अगर सिक्स लेन नहीं बना सकते हैं तो हादसों को रोकने के लिए कम से कम फोरलेन में जरूर तब्दील कराया जना चाहिए।