भरुआ सुमेरपुर (हमीरपुर)। बोआई के पीक सीजन में डीएपी के साथ गेहूं का बीज सरकारी गोदाम से नदारद होने से किसान परेशान हैं। किसान मजबूर होकर बाजार से घटिया किस्म की डीएपी एवं गेहूं का बीज महंगे दामों में खरीद कर बोने को विवश हो रहे हैं।
पिछले एक पखवारे से ब्लॉक की सभी सहकारी समितियों से डीएपी गायब है। कब तक आएगी कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है। यही हाल राजकीय बीज भंडार का है। यहां भी एक पखवारे से गेहूं का बीज नहीं है। प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि 1500 क्विंटल गेहूं के बीज की डिमांड लगाई थी।
अभी तक महज 500 क्विंटल प्राप्त हुआ है। उच्च अधिकारियों ने 20 नवंबर के बाद बीज आने की बात कही है। एडीसीओ सहकारिता सुरेश चंद ने बताया कि डीएपी के लिए डिमांड लगी है। रैक लगने के बाद अगले सप्ताह से डीएपी आने की उम्मीद है।
टेढ़ा के किसान सौरभ सिंह, पचखुरा बुजुर्ग के शिव सिंह, पारा रैपुरा के बिहारीलाल, विदोखर पुरई के उदयभान यादव, विदोखर मेदनी के राजाराम कुशवाहा ने कहा कि बीज नहीं मिल रहा।
पलरा के इंद्रपाल सिंह, बांकी के बाबूराम यादव, धरमपुर के पप्पू पाल, कलौलीजार के नंदराम, नदेहरा के बब्बू खान, बांक के लल्लूराम, बिल्हड़ी के जयवीर सिंह ने कहा कि बोआई प्रभावित हो रही है।
चन्द्रपुरवा बुजुर्ग के रामबिहारी, भौनिया के रामकरण, पचखुरा खुर्द के बाबू यादव आदि किसानों ने बताया कि सहकारी समितियां से डीएपी के साथ गेहूं का बीज गायब है।