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Hamirpur News: खेतों में भरा पानी, गेहूं के भींगे गट्ठे

Sun, 05 Apr 2026 12:15 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
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फोटो 04 एचएएमपी 31- मौदहा क्षेत्र में पानी से डूबे गेहूं के गठ्ठे उठाते किसान। संवाद
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हमीरपुर/मौदहा। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से जिले में मौसम ने करवट बदला है। बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं देर रात मौदहा क्षेत्र में बारिश होने से गेहूं के खेतों में पानी भर गया। करीब पांच मिलीमीटर बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, अभी कुछ दिन तेज हवाओं के साथ बिजली चमकने व बारिश होने की संभावना जताई जा रही है।
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शुक्रवार देर रात मौदहा क्षेत्र में करीब 35 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। इससे खेतों में खड़ी 10 फीसदी गेहूं की फसल गिर गई है। तेज हवाओं के साथ बारिश होने से खेतों में जलभराव हो गया। सुबह से ही किसान खेतों की दौड़ पड़े। गेहूं के गट्ठों को पानी से निकालकर सूखी जगह ले जाने में जुट गए। शनिवार को दिनभर बादलों की आवाजाही जारी रही। वहीं, दिन का अधिकतम तापमान 37 व न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
छिमौली निवासी किसान जागेश्वर, कामता, मैकू, बाबू आदि ने बताया कि बारिश के कारण गेहूं के गाँठ नरम हो गए हैं। दानों की गुणवत्ता पर असर पड़ा है। ऐसे में करीब 35 से 40 फीसदी तक गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित होगी। मड़ाई के बाद किसान अनाज को धूप में सुखाने में जुटे हैं। इससे गुणवत्ता में कुछ सुधार होने की उम्मीद है।
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1.58 लाख हेक्टेयर में बोया गेहूं



कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले भर में 100.59 फीसदी रबी फसलें बोई हैं। इनका कुल रकबा 2 लाख 97 हजार 849 हेक्टेयर है। इनमें 1.58 लाख हेक्टेयर में किसानों ने गेहूं, जौ की फसलें बो रखी हैं। गेहूं की 95 फीसदी फसलें अभी खेतों में या तो खड़ी हैं या फिर कटी पड़ी हैं। हालांकि 90 फीसदी किसानों ने दलहनी और तिलहनी फसलें सहेज ली हैं। किसान मौजूदा में गेहूं की फसलों की कटाई करने में जुटे हैं। जबकि दलहनी 1.10 लाख हेक्टेयर में और 29 हजार 122 हेक्टेयर में राई, सरसों की फसलें किसानों ने बोई थीं।






दिन में निकलती धूप और रात में होती बारिश

इस वर्ष ऐसी बारिश हो रही है कि रात में मौसम खराब रहता है और दिन में बराबर धूप निकलती है। इससे कृषि कार्य भी ठीक से नहीं हो पा रहा है।
बरदानी, छिमौली।



बेमौसम बारिश किसानों को तबाह करने में लगी


इस समय खेती-किसानी का कार्य जोरों से चल रहा है। मजदूर नहीं मिल रहे हैं तो वहीं बेमौसम बारिश किसानों को तबाह करने में लगी है। एक बार कटी हुई फसल को इकट्ठा करने के लिए मजदूर करते हैं और फिर बारिश से भीगने के बाद फसल सुखाने के लिए मजदूर तलाशने पड़ते हैं।- पच्चू, किसान।



कोट


बारिश की वजह से खेतों में गेहूं की फसल भीग गईं। पिछले माह जिले भर में करीब आठ एमएम बारिश हुई थी। बृहस्पतिवार और शुक्रवार की रात कई इलाकों में बिजली की चमक और तेज हवा के साथ बारिश हुई है। इससे गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित होगी। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण अभी मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। किसान जितनी जल्दी हो अनाज को सुरक्षित करें।
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डॉ. राजीव सिंह, केवीके कुरारा।

फोटो 04 एचएएमपी 31- मौदहा क्षेत्र में पानी से डूबे गेहूं के गठ्ठे उठाते किसान। संवाद

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