भरुआसुमेरपुर (हमीरपुर)। केंद्रीय राज्यमंत्री के पैतृक गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। प्यास बुझाने के लिए लोग भटकने को मजबूर हैं। गांव के अधिकांश हैंडपंप खराब हैं, एकमात्र कुएं पर भी दर्जनों लोगों ने अपने सबमर्सिबल डालकर सामान्य लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। सदर विधायक ने इस कुएं की फोटो सोशल मीडियापर वायरल कर पेयजल संकट की हकीकत को सामने ला दिया है।
पत्योरा गांव इस समय गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहा है। ग्रामीणों की प्यास बुझाने के लिए एक दशक पूर्व ग्रामीण पेयजल योजना से टंकी का निर्माण कराकर आपूर्ति शुरू की गई थी। लेकिन एक दशक गुजर जाने के बाद टंकी का पानी पूरे गांव में नहीं पहुंच पा रहा है। गांव में लगे ज्यादातर हैंडपंप जवाब दे गए हैं।
वहीं क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) राममिलन के दरवाजे पर बना कुआं भी सबमर्सिबल की जंजीरों में जकड़ा है। इस कुएं से आम आदमी को पानी मिलना भी मुश्किल हो रहा है।
गांव के बउआ प्रजापति, अनिल प्रजापति, प्रहलाद प्रजापति ने पेयजल संकट से सदर विधायक डा. मनोज प्रजापति को अवगत कराकर समस्या के समाधान की मांग की है।
निर्माणाधीन है वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
घर-घर स्वच्छ जल पहुंचाने के लिए शुरू की गई नमामि गंगे परियोजना का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट यहीं बनाया जा रहा है। प्रधानपति अरविंद निषाद ने बताया कि ओवरहेड टैंक से पूरे गांव में आपूर्ति नहीं हो पाती है। उस मोहल्ले के हैंडपंप रिबोर लायक है। जिसे लगाने के लिए जगह चिन्हित की जा रही है। शीघ्र रिबोर कराया जाएगा।