गोहांड/गहरौली। पानी संकट पर नगरवासियों में आक्रोश है। सोमवार लोगों ने कार्यालय पहुंचकर नाराजगी जताई। हुआ ये जल संस्थान के सहायक अभियंता विश्व प्रताप सिंह के कार्यालय आने की सूचना पर पहुंचे लोगों ने आक्रोश व्यक्त किया गया। इस पर सहायक अभियंता ने शीघ्र नलकूप ठीक कराने का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया।
कस्बे की पेयजल यूनिट एक के दोनों नलकूपों के फेल होने से करीब दो तिहाई उपभोक्ता लंबे समय से पेयजल की समस्या से पीड़ित हैं। नलकूपों के रीबोर के लिए अनेक बार धरना-प्रदर्शन व अधिकारियों को लिखित शिकायत दे चुके हैं, मगर समस्या का समाधान आज तक नहीं हुआ है। सोमवार को सहायक अभियंता विश्व प्रताप सिंह के कार्यालय आने की जानकारी होने पर दर्जनों लोग कार्यालय पहुंच गए व समस्या की जानकारी दी। उपभोक्ताओं के आक्रोश से एई को दो चार होना पड़ा। उन्होंने बताया वह समस्या से अवगत हैं।
एक नलकूप के रीबोर के लिए नगर पंचायत को करीब 50 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। नगर पंचायत से बजट मिलते ही रीबोर करा दिया जाएगा। इस अवसर पर राजेंद्र कुमार महान, पूर्व सभासद दया भाई, ज्वाला प्रसाद, डॉ. सुदीप, स्वामी प्रसाद, जितेंद्र सिंह, करन सिंह आदि रहे। उधर, गहरौली संवाद के अनुसार गौरा स्थित पेयजल योजना से जुड़े 5 गांवों की आपूर्ति एक पखवाड़े से लड़खड़ाई है। बतादें जल संस्थान की गौरा गांव में संचालित पहाड़ी भिटारी सामूहिक पेयजल योजना से गौरा, अलरा, पहाड़ी, गहरौली, भिटारी को जलापूर्ति की जाती है। लेकिन 15 दिनों से कर्मचारियों की लापरवाही के चलते पेयजल आपूर्ति का बुरा हाल है। कभी बिजली न मिलने का बहाना तो कभी किसी अन्य खराबी बताई जाती है।
ऐसेे में ग्रामीण हैंडपंपों का खारा पानी पीने पर विवश हैं। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत अवर अभियंता से करते हुए नियमित रूप से आपूर्ति की मांग की है। उधर सोमवार को कर्मचारी उमेश कुमार ने कहा टंकी का मेन वॉल खराब हो गया है। कुरारा संवाद के अनुसार क्षेत्र के रिठारी गांव की अनुसूचित बस्ती का हैंडपंप खराब होने से पेयजल की किल्लत है। रिठारी निवासी नरेश कुमार कठेरिया ने बीडीओ उमेश चंद्र उत्तम को शिकायती पत्र देकर बताया कि हैंडपंप तीन महीने से खराब है। ऐसे में पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने हैंडपंप ठीक कराए जाने की मांग की है।